कभी लगता है इस जिन्दगी में खुशियां बेशुमार है,
तो कभी लगने लगता है जिन्दगी ही बेकार है।
कभी लगता है लोगो में बहुत प्यार है,
तो कभी लगता है रिश्तों में सिर्फ दरार है ।
कभी लगता है हम भी जिन्दगी जीने के लिए बेकरार है ,
तो कभी कभी लगता है सिर्फ हमे मौत का इंतजार है ।
कभी लगता है हमको भी उनसे प्यार है,
तो कभी लगता है सिर्फ प्यार का बुखार है।
कभी लगता है शायद उनको भी हमसे इजहार है,
फिर लगता है हम दोनों में तो सिर्फ तकरार है ।
कभी लगता है सब अपने ही यार है,
फिर लगता है इनमें भी छिपे गद्दार है ।
कभी लगता है कितना प्यारा संसार है ,
तो कभी लगता है ये संसार बस संसार है ।
kujh likhe sirnaawe paateya te, kujh chitthiya sanbh ke
le ke baith jaana bukal ‘ch teri tang de
vich teri taang de
ਕੁਝ ਲਿਖੇ ਸਿਰਨਾਵੇਂ ਪੱਤਿਆਂ ਤੇ, ਕੁਝ ਚਿੱਠੀਆਂ ਸਾਂਭ ਕੇ
ਲੈ ਕੇ ਬੈਠ ਜਾਨਾ ਬੁੱਕਲ’ਚ ਵਿਚ ਤੇਰੀ ਤਾਂਗ ਦੇ
ਵਿੱਚ ਤੇਰੀ ਤਾਂਗ ਦੇ