kaise karoon mukadama us par usakee bewafai ka,
kamabakht ye dil bhee usee ka vakeel nikala…
कैसे करूं मुकदमा उस पर उसकी बेवफाई का,
कमबख्त ये दिल भी उसी का वकील निकला…
kaise karoon mukadama us par usakee bewafai ka,
kamabakht ye dil bhee usee ka vakeel nikala…
कैसे करूं मुकदमा उस पर उसकी बेवफाई का,
कमबख्त ये दिल भी उसी का वकील निकला…
ਭੁੱਲ ਕੇ ਮੈਨੂੰ ਜੇ ਤੂੰ ਮਨਾਵੇ ਖੁਸ਼ੀਆਂ
ਭੁੱਲ ਕੇ ਤੈਨੂੰ ਸੰਭਲਣਾ ਮੈਨੂੰ ਵੀ ਆਉਂਦਾ
ਪਰ ਇਹ ਮੇਰੀ ਆਦਤ ਨਹੀਂ
ਨਹੀਂ ਤਾਂ ਤੇਰੀ ਤਰਾਂ ਬਦਲਣਾ ਮੈਨੂੰ ਵੀ ਆਉਂਦਾ
bhul ke mainu je tu manave khushiyaan
bhul k tainu sambalna mainu v aunda
pr eh meri aadat nahi
nahi tan teri tarah badlna mainu v aunda
माना तुम्हे हर बार देखता हूं,
हर बार पहली बार देखता हूं,
देखता हूं तुम्हे जब जुल्फें संवरती हो तुम,
उन जुल्फों को आइना बनके हर बार देखता हूं,
आंखो में रातें और सुर्खी में ग़ुलाब जैसे,
मेरे हाथ खाली जाम तुम्हारे होंठो में शराब जैसे,
जैसे हर बार तुम्हारा वो ख़्वाब देखता हूं,
तुम्हारे हाथों में मेरा दिया वो ग़ुलाब देखता हूं,
वक्त हो तो आना कभी इक हसरत बाकी है,
तुम्हे हर बार की तरह पहली बार देखना बाकी है...