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Rabb ne likhya nhi jo vich taqdeeran de…

Jo dil chahunda hove,
Oh hamesha nhi milda.
Intzaar wala buta,
Sabde Vehde Nhi khid da.
Maneya duya rang zarur liyondi aw zindgi vich,
Tahio ta dargaah dive balde ne piran de.
Par fer ohnu daso kon pa sakda aw,
Rabb ne likheya nhi jo vich taqdiran de.

….simran

Title: Rabb ne likhya nhi jo vich taqdeeran de…

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Kudrat || Life shayari, heart touching

Kudrat naal kita khilwaad kithe raas aunda e
eho same da pahiyaa ghumke use hi thaa aunda e
paidh, pashuu, pakshi asin ehna de ghar ujaadhe ne kudrat da kehar dekho insaan pinjhre wangu ghara ch taadhe ne
Ajh kive insaan nu insaan pyaa bachondaa ae
Bejubaan jivaa nu taa rabb hi insaab dawaunda e
eh samaa v langh jaugaa , raaje, mudhke na hankaar kari
kudrat saanu rab di den e rabb wangu pyaar kari|

ਕੁਦਰਤ ਨਾਲ ਕੀਤਾ ਖਿਲਵਾੜ ਕਿੱਥੇ ਰਾਸ ਆਉਂਦਾ ਏ
ਇਹੋ ਸਮੇਂ ਦਾ ਪਹੀਆ ਘੁੰਮਕੇ ਓਸੇ ਹੀ ਥਾਂ ਆਉਂਦਾ ਏ
ਪੈੜ,ਪਸ਼ੂ, ਪਕਸ਼ੀ ਅਸੀਂ ਇਹਨਾਂ ਦੇ ਘਰ ਉਜਾੜੇ ਨੇ ਕੁਦਰਤ ਦਾ ਕਹਿਰ ਦੇਖੋ ਇਨਸਾਨ ਪਿੰਜਰੇ ਵਾਂਗੂੰ ਘਰਾਂ ਚ ਤਾੜਏ ਨੇ
ਅੱਜ ਕਿਵੇਂ ਇਨਸਾਨ ਨੂੰ ਇਨਸਾਨ ਪਿਆ ਬਚੋਂਦਾ ਏ
ਬੇਜੁਬਾਨ ਜੀਵਾ ਨੂੰ ਤਾਂ ਰੱਬ ਹੀ ਇਨਸਾਫ ਦਵੋਂਦਾ ਏ
ਇਹ ਸਮਾ ਵੀ ਲੰਘ ਜਾਊਗਾ ,,ਰਾਜੇ,,ਮੁੜਕੇ ਨਾ ਹੰਕਾਰ ਕਰੀ
ਕੁਦਰਤ ਸਾਨੂੰ ਰੱਬ ਦੀ ਦੇਣ ਏ ਰੱਬ ਵਾਂਗੂੰ ਪਿਆਰ ਕਰੀ।

✍️ਸਮਰਾ

Title: Kudrat || Life shayari, heart touching


जोरू का गुलाम || akbar birbal story

एक बार की बात है, राजा अकबर व बीरबल दरबार में बैठे कुछ अहम मामलों पर चर्चा कर रहे थे। तभी बीरबल ने अकबर से कहा, “मुझे लगता है कि ज्यादातर पुरुष जोरू के गुलाम होते हैं और अपनी पत्नियों से डर कर रहते हैं।” बीरबल की यह बात राजा को बिल्कुल भी पसंद न आई। उन्होंने इस बात का विरोध किया।. 

इस पर बीरबल भी अपनी बात मनवाने पर अड़ गए। उन्होंने राजा से कहा कि वे अपनी बात को सिद्ध कर सकते हैं। मगर, इसके लिए राजा को प्रजा के बीच एक आदेश जारी करवाना होगा। वह आदेश यह था कि, जिस पुरुष के अपनी पत्नी से डरने की बात सामने आएगी, उसे दरबार में एक मुर्गी जमा करानी होगी। राजा बीरबल की इस बात पर तैयार हो गए।

अगले ही दिन प्रजा के बीच आदेश कराया गया कि अगर यह बात सिद्ध हो जाती है कि कोई पुरुष अपनी पत्नी से डरता है, तो उसे दरबार में आकर बीरबल के पास एक मुर्गी जमा करवानी होगी। फिर क्या था, देखते ही देखते बीरबल के पास ढेरों मुर्गियां इकठ्ठा हो गईं और सैंकड़ों मुर्गियां महल के बगीचे में घूमने लगीं

अब बीरबल राजा के पास पहुंचे और बोले, “महाराज! महल में इतनी मुर्गियां इकट्ठा हो गई हैं कि आप एक मुर्गीखाना खोल सकते हैं, इसलिए अब आप इस आदेश को वापिस ले सकते हैं।” मगर, महाराज ने इस बात को गंभीरता से नहीं लिया और महल में मुर्गियों की संख्या धीरे-धीरे और भी ज्यादा बढ़ने लगी।

इतनी अधिक मुर्गियां महल में जमा हो जाने के बाद भी जब राजा अकबर बीरबल की बात से सहमत नहीं हुए, तो बीरबल ने अपनी बात सिद्ध करने के लिए एक नया उपाय निकाला। एक दिन बीरबल राजा के पास गए और बोले, “महाराज! मैंने सुना है कि पड़ोस के राज्य में एक बहुत की खूबसूरत राजकुमारी रहती है। अगर आप चाहें, तो क्या मैं आपका रिश्ता वहां पक्का कर आऊं?”

यह सुनते ही राजा चौंक उठे और बोले, “बीरबल! तुम ये कैसी बातें कर रहे हो। महल में पहले से ही दो महारानियां मौजूद हैं। अगर उन्हें इस बात की भनक भी लगी, तो मेरी खैर नहीं होगी।”

यह सुनकर बीरबल ने तपाक से जवाब दिया, “चलिए महाराज, फिर तो आप भी मेरे पास दो मुर्गियां जमा करा ही दीजिए।”

राजा बीरबल का ऐसा जवाब सुनकर शरमा गए और उन्होंने अपना आदेश उसी वक्त वापस ले लिया।

Title: जोरू का गुलाम || akbar birbal story