un se kah do apanee khaas hiphaazat kiya kare,
beshak saanse unakee hai… par jaan to meree hai.…
उन से कह दो अपनी ख़ास हिफाज़त किया करे,
बेशक साँसे उनकी है… पर जान तो मेरी है.…
un se kah do apanee khaas hiphaazat kiya kare,
beshak saanse unakee hai… par jaan to meree hai.…
उन से कह दो अपनी ख़ास हिफाज़त किया करे,
बेशक साँसे उनकी है… पर जान तो मेरी है.…
tere pind nu jande raawa de puchh lai parchhaweyaa ton
tu ajh v chete ae bhuli ni joban nu
tere haase taa bhul sakda hanju nahi bhulne
ਤੇਰੇ ਪਿੰਡ ਨੂੰ ਜਾਂਦੇ ਰਾਵਾਂ ਦੇ ਪੁੱਛ ਲੲੀ ਪਰਛਾਵਿਆਂ ਤੋਂ
ਤੂੰ ਅੱਜ ਵੀ ਚੇਤੇ ਐ ਭੁੱਲੀ ਨੀ ‘ਜੋਬਨ’ ਨੂੰ
ਤੇਰੇ ਹਾਸੇ ਤਾਂ ਭੁੱਲ ਸਕਦਾ ਹੰਝੂ ਨੲੀ ਭੁੱਲਣੇ
❣️”चलो भी जान तुम्हे घर छोड़ दूं”❣️
समझ नही आता,किस पर लिखूं,किस पर छोड़ दूं
अब क्या करूं इन बातों का,इन्हे यही पर छोड़ दूं
तुमने गली छोड़ी, मुझे छोड़ा,सब तो छोड़ दिया
मैं कैसे ये आसमान,मकान,अपना शहर छोड़ दूं
मेरे पीछे मत आओ मेरा सफर काफी दूर तक है,
चलो भी जान,इश्क नही आसान,तुम्हे घर छोड़ दूं
तुम्हारी यांदो को तो आना जाना है जिंदगी भर
फिर एक तुम्हे याद करना भी है,बेहतर छोड़ दूं
मैं टूटकर खुद,राह बन गईं हूं,राहगीरों के लिए
और तुम कहते हो जिंदगी का ये सफर छोड़ दूं
जहर काफी है दर्द में,मसला इश्क है मेरे जान
और तुम क्यों कहते हो,मैं इश्क का जहर छोड़ दूं
तुम लौट आए,तो क्यों आए हो अब बताना जरा
तुमने क्या कहा मैं ये शायरी और गजल छोड़ दूं
तुमने गली छोड़ी,सफर छोड़े,घर बदल लिए
अब क्यों चाहते हो तुम,मैं मेरा शहर छोड़ दूं
“हर्ष” क्या करूं इन बातों का,इन्हे यही पर छोड़ दूं
अब चलो भी जान,कहना लो मान,तुम्हे घर छोड़ दूं