
Pal door Na jawe tu..!!
Akhan band te khwab milan tere
Akhan kholan te sahvein tu..!!

Ek roj tera khat fir nikal padhunga mein
Ek roj fir teri ishq yaad se marunga mein
Voh jo shakhs jom mein tha aaj tkk nhi aaya
Esi vba shod gya ishq ki ke ab na kisi se ishq krunga mein🙌
एक रोज तेरा ख़त फिर निकाल पढूंगा मैं
एक रोज फिर तेरी इश्क याद से मरूंगा मैं
वोह जो शख्स जोम में था आज तक नहीं आया
ऐसी वबा छोड गया इश्क की कि अब ना किसी से इश्क करूंगा मैं🙌
बादशाह अकबर और बीरबल शिकार पर गए हुए थे। उनके साथ कुछ सैनिक तथा सेवक भी थे। शिकार से लौटते समय एक गांव से गुजरते हुए बादशाह अकबर ने उस गांव के बारे में जानने की जिज्ञासा हुई। उन्होंने इस बारे में बीरबल से कहा तो उसने जवाब दिया—”हुजूर, मैं तो इस गांव के बारे में कुछ नहीं जानता, किंतु इसी गांव के किसी बाशिन्दे से पूछकर बताता हूं।”
बीरबल ने एक आदमी को बुलाकर पूछा—”क्यों भई, इस गांव में सब ठीक-ठाक तो है न?”
उस आदमी ने बादशाह को पहचान लिया और बोला—”हुजूर आपके राज में कोई कमी कैसे हो सकती है।”
“तुम्हारा नाम क्या है?” बादशाह ने पूछा।
“गंगा”
“तुम्हारे पिता का नाम?”
“जमुना”
“और मां का नाम सरस्वती है?”
“हुजूर, नर्मदा।”
यह सुनकर बीरबल ने चुटकी ली और बोला—”हुजूर तुरन्त पीछे हट जाइए। यदि आपके पास नाव हो तभी आगे बढ़ें वरना नदियों के इस गांव में तो डूब जाने का खतरा है।”
यह सुनकर बादशाह अकबर हंसे बगैर न रह सके।