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Aaakhir me ek insaan hu || hindi poetry

*क्षमा दान की शक्ति*

आखिर मैं एक इंसान हूँ,पर आप तो हो भगवान।
जो भी होता है नियति है,नहीं पता मुझे परिणाम।
मैंने जो अब तक कि गलती,जो आगे करने वाला हूँ।
हे प्रभु! आज अतिरिक्त में,मुझको दे दो क्षमा दान।
आपने जो भी है दिया सबको, उसमें रहना सन्तुष्ट सभी।
स्वार्थ और ईर्ष्यावश में,नहीं होना है पथभ्रष्ट कभी।
इंसान गलतियों का पुतला,हो सका कभी परिपूर्ण नहीं।
फिर मद में अन्धा होकर वो,भूल जाता ही है गलत सही।
पर आप दया के सागर हो,करुणा के हो भंडार प्रभु।
सब के मन से द्वेष को करके दूर, आप सब मे भर दो प्यार प्रभु!
सब जीव आपकी संताने,न करें कोई भी भेदभाव।
बन जाओ सब मन से उदार,करें क्षमा द्वेष का हो अभाव।
सच्चे मन से करे प्रायश्चित तो,प्रभु हर अपराध क्षमा कर जाते हैं।
आप सर्वशक्तिमान इसी कारण ही,सब के द्वारा कहलाते हैं।
सच में वो ही है शक्तिमान,जिसने है सब को माफ किया।
भूल के सारी बातों को ,हर किसी का है जो साथ दिया।

Title: Aaakhir me ek insaan hu || hindi poetry

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Duniya se pehle khud se lado || hindi shayari

Socha hai to poora hoga
bas shuru khi se karna hoga
tujhe duniya se baad me
pehle khud se ladna hoga💯

सोचा है तो पूरा होगा
बस शुरू कहीं से करना होगा
तुझे दुनिया से बाद में पहले
खुद से लड़ना होगा 💯

Title: Duniya se pehle khud se lado || hindi shayari


Bewafa hindi shayari || mujhe nazar andaaz karke

Mujhe nazar andaaz karke
bhi meri mohobat se khud
ko tu na bacha saki
arey mujhse bewafayi
karke bhi tujhe kuch mila nahi
par kisi aur se dil laga ke bhi tu kuch na paa saki