Jao yaha rehna khush rehna
Khwahish to ibadat si ho gayi hai
Tum se juda hokar tanhayion mein rehna
Meri ab aadat si ho gayi hai…💔
जाओ जहां रहना खुश रहना
ख्वाइश तो इबादत सी हो गई है
तुम से जुदा होकर तन्हाइयो में रहना
मेरी अब आदत सी हो गई है …💔
Jao yaha rehna khush rehna
Khwahish to ibadat si ho gayi hai
Tum se juda hokar tanhayion mein rehna
Meri ab aadat si ho gayi hai…💔
जाओ जहां रहना खुश रहना
ख्वाइश तो इबादत सी हो गई है
तुम से जुदा होकर तन्हाइयो में रहना
मेरी अब आदत सी हो गई है …💔
Koi kaura bole taan chup kar jayida
Kujh lafzaan nu injh bezuban rakhde haan..!!
Akhan ch bhawein beshakk pani rehnde
Par bullan te hamesha muskan rakhde haan..!!
ਕੋਈ ਕੌੜਾ ਬੋਲੇ ਤਾਂ ਚੁੱਪ ਕਰ ਜਾਈਦਾ
ਕੁਝ ਲਫ਼ਜ਼ਾਂ ਨੂੰ ਇੰਝ ਬੇਜ਼ੁਬਾਨ ਰੱਖਦੇ ਹਾਂ..!!
ਅੱਖਾਂ ‘ਚ ਭਾਵੇਂ ਬੇਸ਼ੱਕ ਪਾਣੀ ਰਹਿੰਦੈ
ਪਰ ਬੁੱਲ੍ਹਾਂ ‘ਤੇ ਹਮੇਸ਼ਾਂ ਮੁਸਕਾਨ ਰੱਖਦੇ ਹਾਂ..!!
माथे पे तिलक लगाकर कूद पड़े थे अंग़ारो पे,
माटी की लाज के लिए उनके शीश थे तलवारों पे।
भगत सिंह की दहाड़ के मतवाले वो निर्भर नहीं थे किन्ही हथियारों पे,
अरे जब देशहित की बात आए तो कभी शक ना करो सरदारों पे॥
आज़ादी की थी ऐसी लालसा की चट्टानों से भी टकरा गये,
चंद आज़ादी के रणबाँकुरो के आगे लाखों अंग्रेज मुँह की खा गये।
विद्रोह की हुंकार से गोरों पे मानो मौत के बादल छा गये,
अरे ये वही भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव है जिनकी बदौलत हम आज़ादी पा गये॥
आज़ादी मिली पर इंक़लाब की आग में अपने सब सुख-दुःख वो भूल गये,
जननी से बड़ी माँ धरती जिसकी ख़ातिर भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु झूल गये॥
अब राह तक रही उस माँ को कौन जाके समझाएगा,
कैसे बोलेगा उसको की माँ अब तेरा लाल कभी नहीं आएगा।
बस इतना कहूँगा कि धन्य हो जाएगा वो आँचल जो भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु सा बेटा पाएगा,
क्योंकि इस माटी का हर कण और बच्चा-बच्चा उसे अपने दिल में बसाएगा॥