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Aaj phr kise ne teri yaad dila ditti || Sad and love punjabi poetry

Ajj Fer Kise Ne Teri Yaad Dila Ditti..
Kise De Hasse Ne Apne Ander Teri Zhalak Dikha Ditti..
Tere Naal Guzareya Waqt Chatte Aa Gya..
Tera Ditta Hassa Chette Aa Gya..
Vichdan Lagge Teri Akhan Vich Ditte Hunju Yaad Aunde Ne..
Tere Naal Pyar Pake Kitte Kol-Karar Yaad Aunde Ne..
Tenu Alvida Kehnde Koi Khushi Te Na De Sakeya..
Par Ajj Vi Mera Dil Te Mann Tenu Te Bas Tenu Hi Chahunde Ne..
Jekar Tu Mil Janda Menu Te Apan Inj Nhi Rulde..
Kise Bhare Hoye Glass Vicho Paani Vangu Nhi Dulde..
Jiddan Purane Jung Lagge Jindre[Lock] Kade Nhi Khulde..
Odan Hi Tere Naal Guzare Oh Pal Nhi Bhulde.

Title: Aaj phr kise ne teri yaad dila ditti || Sad and love punjabi poetry

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Camel ki gardan || akbar birbal kahani

अकबर बीरबल की हाज़िर जवाबी के बडे कायल थे। एक दिन दरबार में खुश होकर उन्होंने बीरबल को कुछ पुरस्कार देने की घोषणा की। लेकिन बहुत दिन गुजरने के बाद भी बीरबल को पुरस्कार की प्राप्त नहीं हुई। बीरबल बडी ही उलझन में थे कि महाराज को याद दिलायें तो कैसे?

एक दिन महारजा अकबर यमुना नदी के किनारे शाम की सैर पर निकले। बीरबल उनके साथ था। अकबर ने वहाँ एक ऊँट को घुमते देखा। अकबर ने बीरबल से पूछा, “बीरबल बताओ, ऊँट की गर्दन मुडी क्यों होती है”?

बीरबल ने सोचा महाराज को उनका वादा याद दिलाने का यह सही समय है। उन्होंने जवाब दिया – “महाराज यह ऊँट किसी से वादा करके भूल गया है, जिसके कारण ऊँट की गर्दन मुड गयी है। महाराज, कहते हैं कि जो भी अपना वादा भूल जाता है तो भगवान उनकी गर्दन ऊँट की तरह मोड देता है। यह एक तरह की सजा है।”

तभी अकबर को ध्यान आता है कि वो भी तो बीरबल से किया अपना एक वादा भूल गये हैं। उन्होंने बीरबल से जल्दी से महल में चलने के लिये कहा। और महल में पहुँचते ही सबसे पहले बीरबल को पुरस्कार की धनराशी उसे सौंप दी, और बोले मेरी गर्दन तो ऊँट की तरह नहीं मुडेगी बीरबल। और यह कहकर अकबर अपनी हँसी नहीं रोक पाए।

और इस तरह बीरबल ने अपनी चतुराई से बिना माँगे अपना पुरस्कार राजा से प्राप्त किया।

Title: Camel ki gardan || akbar birbal kahani


Kalam

Lok Aaye – Gaye,

Rog Lagge – Latthe,

Rata Fark Na Peya,

Khavrey Jaan Nikkal Jaave Kalam Chaddi Te…..

ਲੋਕ ਆਏ ਗਏ,
ਰੋਗ ਲੱਗੇ ਲੱਥੇ,
ਰਤਾ ਫਰਕ ਨਾ ਪਿਆ,
ਖਵਰੇ ਜਾਣ ਨਿੱਕਲ ਜਾਵੇ ਕਲਮ ਛੱਡੀ ਤੇ।।

✍:Hr-Patto

Title: Kalam