हम आज भी गुलाम है उनके प्यार के ….
मगर जमाने से पता चला के …
.. कितने तो गुलामी और गुमनामी मे ही मर गए……
#विवेक
Enjoy Every Movement of life!
हम आज भी गुलाम है उनके प्यार के ….
मगर जमाने से पता चला के …
.. कितने तो गुलामी और गुमनामी मे ही मर गए……
#विवेक
सबर की ये जिंदगी जाने केबी मुक्क्मल फल दिलाएगी
खाक हुये खवाबों पर कब नई कली आएगी ,
मसरूफ़ रहे हम सदा किताबों मे
क्या पता था जिंदगी का अशली सबक तो ठोकर शिखएगी ।
जो नोका जा रही ह दरीया के साथ
वो क्या ही वापिस किनारा दिखाएगी
अगर यू ही चलती रही खोवाबों की हकीकत से जंग
तो यकीनन जल्दी ही इंतकाल की खबर आएगी ।
Manzil ki talash me niklo to sahi, raste khud mil jate hai,
Kabi akela na samjna khud ko tu Shakir, Viran rasto me hi koi khaas miljate hai.