हम आज भी गुलाम है उनके प्यार के ….
मगर जमाने से पता चला के …
.. कितने तो गुलामी और गुमनामी मे ही मर गए……
#विवेक
Enjoy Every Movement of life!
हम आज भी गुलाम है उनके प्यार के ….
मगर जमाने से पता चला के …
.. कितने तो गुलामी और गुमनामी मे ही मर गए……
#विवेक
जिन्दगी कहा शुरु कहा खत्म हो जाती हे
जो रोज दिखती वो दिख्ना कम् हो जाती हैं
जिस मा बिना न होती थी बछ्पन की सुबह
उसे वृद्धाश्रम देख आखे नम हो जाति हे