ohnu dekhe bina bhave kinne hi din beet gaye hon
par aakhan vich vasi tasveer aaje v
tazi di tazi pai hai
ohnu dekhe bina bhave kinne hi din beet gaye hon
par aakhan vich vasi tasveer aaje v
tazi di tazi pai hai
ishq hi khohwe dhadkana
Te ishq hi dewe saah..!!
ishq bane je manzila
Fer wish hi dikhawe raah..!!
ਇਸ਼ਕ ਹੀ ਖੋਹਵੇ ਧੜਕਣਾਂ
ਤੇ ਇਸ਼ਕ ਹੀ ਦੇਵੇ ਸਾਹ..!!
ਇਸ਼ਕ ਬਣੇ ਜੇ ਮੰਜ਼ਿਲਾਂ
ਫਿਰ ਇਸ਼ਕ ਹੀ ਦਿਖਾਵੇ ਰਾਹ..!!
इस जीवन से जुड़ा एक सवाल है हमारा~
क्या हमें फिर से कभी मिलेगा ये दोबारा?
समंदर में तैरती कश्ती को मिल जाता है किनारा~
क्या हम भी पा सकेंगे अपनी लक्ष्य का किनारा?
जिस तरह पत्तों का शाखा है जीवन भर का सहारा~
क्या उसी तरह मेरा भी होगा इस जहां में कोई प्यारा?
हम एक छोटी सी उदासी से पा लेते हैं डर का अंधियारा~
गरीब कैसे सैकड़ों गालियां खा कर भी कर लेतें है गुजारा ?
जिस तरह आसमान मे रह जाते सूरज और चांद-तारा ~
क्या उस तरह रह पाएगा हमारी दोस्ती का सहारा ?
जैसे हमेशा चलती रहती है नदियों का धारा~
क्या हम भी चल सकेंगे अपनी राह की धारा ?