Aakhir ❤️Ek din sath apna chut hi jayega
Wada ho kuch bhi tha 💔toot hi jayega
kahan👳 sajta tha tumhre sapno ka mahal
Jis din hamne choda tumhe wo bhi toot jayega🥀
Aakhir ❤️Ek din sath apna chut hi jayega
Wada ho kuch bhi tha 💔toot hi jayega
kahan👳 sajta tha tumhre sapno ka mahal
Jis din hamne choda tumhe wo bhi toot jayega🥀
Kite ram das kite fateh mohamad eho kadeemi shor
mitt gya doha da jhagda nikal pya kujh hor
meri bukal de vich chor
ਕਿਤੇ ਰਾਮ ਦਾਸ ਕਿਤੇ ਫ਼ਤਹਿ ਮੁਹੰਮਦ ਇਹੋ ਕਦੀਮੀ ਸ਼ੋਰ
ਮਿਟ ਗਿਆ ਦੋਹਾਂ ਦਾ ਝਗੜਾ ਨਿਕਲ ਪਿਆ ਕੁਝ ਹੋਰ
ਮੇਰੀ ਬੁੱਕਲ ਦੇ ਵਿੱਚ ਚੋਰ
एक दिन बीरबल बाग में टहलते हुए सुबह की ताजा हवा का आनंद ले रहा था कि अचानक एक आदमी उसके पास आकर बोला, “क्या तुम मुझे बता सकते हो कि बीरबल कहां मिलेगा ?”
“बाग में।” बीरबल बोला।
वह आदमी थोड़ा सकपकाया लेकिन फिर संभलकर बोला, “वह कहां रहता है ?”
“अपने घर में।” बीरबल ने उत्तर दिया।
हैरान-परेशान आदमी ने फिर पूछा, “तुम मुझे उसका पूरा पता ठिकाना क्यों नहीं बता देते ?”
“क्योंकि तुमने पूछा ही नहीं।” बीरबल ने ऊंचे स्वर में कहा।
“क्या तुम नहीं जानते कि मैं क्या पूछना चाहता हूं ?” उस आदमी ने फिर सवाल किया।
“नहीं।’ बीरबल का जवाब था।
वह आदमी कुछ देर के लिए चुप हो गया, बीरबल का टहलना जारी था। उस आदमी ने सोचा कि मुझे इससे यह पूछना चाहिए कि क्या तुम बीरबल को जानते हो ? वह फिर बीरबल के पास जा पहुंचा, बोला, “बस, मुझे केवल इतना बता दो कि क्या तुम बीरबल को जानते हो ?” “हां, मैं जानता हूं।” जवाब मिला।
“तुम्हारा क्या नाम है ?” आदमी ने पूछा।
“बीरबल।” बीरबल ने उत्तर दिया।
अब वह आदमी भौचक्का रह गया। वह बीरबल से इतनी देर से बीरबल का पता पूछ रहा था और बीरबल था कि बताने को तैयार नहीं हुआ कि वही बीरबल है। उसके लिए यह बेहद आश्चर्य की बात थी।
“तुम भी क्या आदमी हो…” कहता हुआ वह कुछ नाराज सा लग रहा था, “मैं तुमसे तुम्हारे ही बारे में पूछ रहा था और तुम न जाने क्या-क्या ऊटपटांग बता रहे थे। बताओ, तुमने ऐसा क्यों किया ?”
“मैंने तुम्हारे सवालों का सीधा-सीधा जवाब दिया था, बस !”
अंततः वह आदमी भी बीरबल की बुद्धि की तीक्ष्णता देख मुस्कराए बिना न रह सका।