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Aansu se khataaa || hindi sad shayari

Mere Aansuon se khataa ho gyi…

jo beh chle jaalim zamaane ke aage.

Hakikat se  pehle kyon aankhein namm ho gyi,

jo mere sapne bhi saare jal kar raakh ho gye …

kaash!  hume ye ehsaas  pehle hi ho jaata….

kimat nhi inn anmol motiyon ka yahaan ,

jo ab yu andhere se aankhein milaayi ,

chiraago se roshni bhi judaa ho gyi.

Hazaaron se bhi jyadaa gum humne chupaaye,

na jaane kaise ye daastan bayaan ho gyi.

-by SARITA CHAUHAN

Title: Aansu se khataaa || hindi sad shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Ohna parindeyaa nu kaid || Attitude SHayari Punjabi

Ohna parindeyaa nu kaid karna meri fitrat ch nahi,
Jo saadhe naal reh ke gairan naal udan da shaunk rakhde rahe

ਉਨ੍ਹਾ ਪਰਿੰਦੇਆ ਨੂੰ ਕੈਦ ਕਰਨਾ ਮੇਰੀ ਫ਼ਿਤਰਤ ਚ ਨਹੀਂ,
ਜੋ ਸਾਡੇ ਨਾਲ ਰਹਿ ਕੇ ਗੈਰਾ ਨਾਲ ਉਡਣ ਦਾ ਸ਼ੌਕ ਰੱਖਦੇ ਰਹੇ …..

Title: Ohna parindeyaa nu kaid || Attitude SHayari Punjabi


Love poetry || Hindi Poems on mohobbat

देखा तो तुझे जब पहली बार मैंने,
अपनी आंखों पर न किया था एतबार मैंने,
क्या होता है कोई इतना भी खूबसूरत,
यही पूछा था खुदा से बार-बार मैंने।
तेरे नीले नीले नैनो ने किया था काला जादू मुझ पर,
यूं ही तो नहीं खो दिया था करार मैंने।

कायदा इश्क जब से पड़ा है,
इल्म बस इतना बचा है मुझ में,
फकत नाम तेरा मैं लिख लेता हूं, पढ़ लेता हूं।

आग बरसे चारों तरफ इस जमाने के लिए,
मेरी आंखों की नमी में हो पनाह किसी को छिपाने के लिए।
वो है खुदगर्ज बड़ी मैं जानता हूं,
लौट आएगी फिर से खुद को बचाने के लिए।

मिजाज हो गए तल्ख जब मतलब निकल गया,
ना हुई दुआ कबूल तो मजहब बदल गया।
वो जो कहते थे कि मेरी चाहत कि खुदा तुम हो,
कभी बदली उनकी चाहत कभी खुदा बदल गया।

चल मान लिया कोई तुझसे प्यारी नहीं होगी,
पर शर्त लगा लो तुम से भी वफादारी नहीं होगी।
तेरी बेवफाई ने मेरा इलाज कर दिया है,
पक्का अब हमें फिर से इश्क की बीमारी नहीं होगी।

प्यार जब भी हुआ तुमसे ही हुआ,
कोशिश बहुत की मैंने किसी और को चाहने की।
एक तो तेरा इश्क था ही और एक मैंने आ पकड़ा,
अब कोई कोशिश भी ना करना मुझ को बचाने की।

यह जो आज हम उजड़े उजड़े फिरते हैं,
हसरतें बहुत थी हमें भी दुनिया बसाने की।
मुझे आज भी तुमसे कोई गिला नहीं है,
दस्तूर ही कहां बचा है मोहब्बत निभाने का।

इस शहर में मुर्दों की तादाद बहुत है,
कौन कहता है कि ये आबाद बहुत है,
जुल्मों के खिलाफ यहां कोई नहीं बोलता,
बाद में करते सभी बात बहुत हैं।

मेरे छोटे से इस दिल में जज्बात बहुत हैं,
नींद नहीं है आंखों में ख्वाबों की बरसात बहुत है।
राह नहीं, मंजिल नहीं, पैर नहीं कुछ भी नहीं,
मुझे चलने के लिए तेरा साथ बहुत है।

दूर होकर भी तू मेरे पास बहुत है,
सगा तो नहीं मेरी पर तू खास बहुत है।
जिनकी टूट चुकी उनको छोड़ो बस,
हमें तो आज भी उनसे आस बहुत है।

Title: Love poetry || Hindi Poems on mohobbat