शाम से आँख में नमी सी है🥺🌷❤️
आज फिर आप की कमी सी है।🥺❤️🌷
Enjoy Every Movement of life!
शाम से आँख में नमी सी है🥺🌷❤️
आज फिर आप की कमी सी है।🥺❤️🌷
बेवक्त बेवजह तुझसे बात करना सुकून लाता है
मेरे लड़खड़ाते अल्फ़ाज़ों मे एक जूनून लाता है
मैं रूठ जाऊ जमाने से कोई गीला नहीं
फिर मासूमियत भरा तेरा हाल पूछना याद आता है ,
कभी बिखरू तो आके समेट लेना मुझे
तुम जो रूठे मुझसे तो मुझे सीधा शमशान याद आता है ।
