शाम से आँख में नमी सी है🥺🌷❤️
आज फिर आप की कमी सी है।🥺❤️🌷
Enjoy Every Movement of life!
शाम से आँख में नमी सी है🥺🌷❤️
आज फिर आप की कमी सी है।🥺❤️🌷
मेरे आँखों के ख्वाब, दिल के अरमान हो तुम,
तुम से ही तो मैं हूँ, मेरी पहचान हो तुम,
मैं ज़मीन हूँ अगर तो मेरे आसमान हो तुम,
सच मानो मेरे लिए तो सारा जहान हो तुम।
लबों से जुदा रहती है आजकल, हंसी मेरी कहीं खो सी गई है..
नजरें ना जाने ढूंढ रहीं, लगे जैसे किसी की हो सी गई है..
दिल में हल-चल बरकरार है, धड़कन जैसी सो सी गई है..
एकतरफा ये जाने कैसा प्यार है? लगे गलती मुझसे हो सी गई है..