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Aapki yaad || mohobbat shayari || yaad hindi shayari

Lipti rehti hai aapki yaad yun ehsaaso se
Jese rooh lipti rehti hai zindagi bhar sanso se…❤️

लिपटी रहती है आपकी याद यूं एहसासों से…
जैसे रूह लिपटी रहती है ज़िंदगी भर सांसों से…❤️

Title: Aapki yaad || mohobbat shayari || yaad hindi shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Vo Pagli🥰😍 || love shayari

माँ-बाप की उम्मीदों पर 

खरा उतर गया ,

इतना आगे बढ़ा, पलटा 

तो उसका साथ छुट गया। 

अब फर्क नहीं पड़ता जनाब 

कौन साथ है?, कौन पास है?

हजारों लोग मिले हैं मुझसे दिन में 

पर वो पगली आज भी खास है। 

क्या नजारा था मित्र 

मैंने बर्बादी खुबसूरत देखी,

तेरे बिन मर जाऊँगी

हाय!………………

ऐसी उसकी आंखो में तड़प देखी।

दिल्लगी थी, मेरे दोस्त 

कोई झूठा फसाना नहीं,

आज भी दिल कहता है 

खबरदार,……………

उसके सिवा किसी से दिल लगाना नहीं। 

दिल देता है हौसला, मेरे दोस्त 

तभी आज भी, उसका इंतजार करूँ

कही मिल जाए दो पल के लिए 

तो पगली से दिल भरके बातें करूँ। 

Title: Vo Pagli🥰😍 || love shayari


AADMI EK || akbar birbal kahani hindi

एक बार अकबर और बीरबल बागीचे में बैठे थे। अचानक अकबर ने बीरबल से पूछा कि क्या तुम किसी ऐसे इन्सान को खोज सकते हो जिसमें अलग-अलग बोली बोलने की खूबी हों?

बीरबल ने कहा, क्यों नहीं, मै एक आदमी जानता हूँ जो तोते की बोली बोलता है, शेर की बोली बोलता है, और गधे की बोली भी बोलता है। अकबर इस बात को सुन कर हैरत में पड़ गए। उन्होने बीरबल को कहा किअगले दिन उस आदमी को पेश किया जाये।

बीरबल उस आदमी को अगले दिन सुबह दरबार में ले गए। और उसे एक छोटी बोतल शराब पीला दी। अब हल्के नशे की हालत में शराबी अकबर बादशाह के आगे खड़ा था। वह जानता था की दारू पी कर आया जान कर बादशाह सज़ा देगा। इस लिए वह गिड़गिड़ाने लगा। और बादशाह की खुशामत करने लगा। तब बीरबल बोले की हुज़ूर, यह जो सज़ा के डर से बोल रहा है वह तोते की भाषा है।

उसके बाद बीरबल ने वहीं, उस आदमी को एक और शराब की बोतल पिला दी। अब वह आदमी पूरी तरह नशे में था। वह अकबर बादशाह के सामने सीना तान कर खड़ा हो गया। उसने कहा कि आप नगर के बादशाह हैं तो क्या हुआ। में भी अपने घर का बादशाह हूँ। मै यहाँ किसी से नहीं डरता हूँ।

बीरबल बोले कि हुज़ूर, अब शराब के नशे में निडर होकर यह जो बोल रहा है यह शेर की भाषा है।

अब फिर से बीरबल ने उस आदमी का मुह पकड़ कर एक और बोतल उसके गले से उतार दी। इस बार वह आदमी लड़खड़ाते गिरते पड़ते हुए ज़मीन पर लेट गया और हाथ पाँव हवा में भांजते हुए, मुंह से उल-जूलूल आवाज़ें निकालने लगा। अब बीरबल बोले कि हुज़ूर अब यह जो बोल रहा है वह गधे की भाषा है।

अकबर एक बार फिर बीरबल की हाज़िर जवाबी से प्रसन्न हुए, और यह मनोरंजक उदाहरण पेश करने के लिए उन्होने बीरबल को इनाम दिया।

Title: AADMI EK || akbar birbal kahani hindi