Pal bhar aapko na sochu to
Dhadkane tarasne lagti hai
Aapko jo dekhlu to
Nam ankhein bhi hasne lagti hai…❤️❤️
पलभर आपको ना सोचूँ तो
धड़कने तरसने लगती है…
आपको जो देख लूं तो
नम आंखे भी हंसने लगती हैं…❤️❤️
Pal bhar aapko na sochu to
Dhadkane tarasne lagti hai
Aapko jo dekhlu to
Nam ankhein bhi hasne lagti hai…❤️❤️
पलभर आपको ना सोचूँ तो
धड़कने तरसने लगती है…
आपको जो देख लूं तो
नम आंखे भी हंसने लगती हैं…❤️❤️
बादशाह अकबर की यह आदत थी कि वह अपने दरबारियों से तरह-तरह के प्रश्न किया करते थे। एक दिन बादशाह ने दरबारियों से प्रश्न किया, “अगर सबकी दाढी में आग लग जाए, जिसमें मैं भी शामिल हूं तो पहले आप किसकी दाढी की आग बुझायेंगे?”
“हुजूर की दाढी की” सभी सभासद एक साथ बोल पड़े।
मगर बीरबल ने कहा – “हुजूर, सबसे पहले मैं अपनी दाढी की आग बुझाऊंगा, फिर किसी और की दाढी की ओर देखूंगा।”
बीरबल के उत्तर से बादशाह बहुत खुश हुए और बोले- “मुझे खुश करने के उद्देश्य से आप सब लोग झूठ बोल रहे थे। सच बात तो यह है कि हर आदमी पहले अपने बारे में सोचता है।”
ਕਦੇ ਸਕੂਨ ਸੀ ਤੇਰੀਆਂ ਗੱਲਾਂ ਚ, ਹੁਣ ਤੇਰਾ ਨਾਂ ਸੁਣਕੇ ਗੱਲ ਬਦਲ ਦਿੰਦੇ ਹਾਂ 🥺
Kde sakun se teriya Galla ch, hun tera Naa sunke gall BDL dinde ha🥺