Pal bhar aapko na sochu to
Dhadkane tarasne lagti hai
Aapko jo dekhlu to
Nam ankhein bhi hasne lagti hai…❤️❤️
पलभर आपको ना सोचूँ तो
धड़कने तरसने लगती है…
आपको जो देख लूं तो
नम आंखे भी हंसने लगती हैं…❤️❤️
Pal bhar aapko na sochu to
Dhadkane tarasne lagti hai
Aapko jo dekhlu to
Nam ankhein bhi hasne lagti hai…❤️❤️
पलभर आपको ना सोचूँ तो
धड़कने तरसने लगती है…
आपको जो देख लूं तो
नम आंखे भी हंसने लगती हैं…❤️❤️
Kadar karna unki Jo chahte h tumhe
Varna bhut hai yaha aane Jane Vale..!!
Koi humsa mile ye vaada nahi karte
Vese mil jayenge lakho tumhe chahne Vale..!!
Arre smbhal ke zara..Itni jaldi bhi na karna
Der lagate nahi hain dil tod jane vale..!!
Chehre ko dekh khushi ka andaza lgayenge
Hdd hi krte hain zmane Vale..!!
Are waqt mile to kbi pyr valo se pucho
Kese rote hain sbko hsane vale..!!
कदर करना उनकी जो चाहतें हैं तुम्हे
वरना बहुत हैं यहाँ आने जाने वाले..!!
कोई हमसा मिले ये वादा नहीं करते हम
वैसे मिल जाएंगे लाखों तुम्हें चाहने वाले..!!
अरे संभल के ज़रा इतनी जल्दी भी न करना
देर लगाते नहीं हैं दिल तोड़ जाने वाले..!!
चहरे को देख खुशी का अंदाज़ा लगाएंगे
हद ही करते हैं ज़माने वाले..!!
अरे वक़्त मिले तो कभी प्यार वालों से पूछो
कैसे रोते हैं सभको हसाने वाले..!!
चाल अभी धीमी है,
पर कदम जाएंगे मंजिल तक जरूर।
हालात अभी उलझे हैं,
पर बदलेंगे मौसम,बिखरेगा हरसू नूर।
हौसलों की कमी नहीं,
क़्त भले ना हो ज्यादा।
शह मात की खेल है जिंदगी,
मंजिल को पाने की, हम रखते हैं माआदा।
पलकें मूंद जाती हैं झंझावतों से,
रास्ते छुप जाते हैं काले बदली की छाँव में।
गुजरना ही होगा अंधियारे सूने गलियारों से,
आशियाना हो चाहे गांव या शहर में।
लक्ष्य जो बुन लिया है विश्वास के तागों से,
अब रुकना नहीं, न झुकना कहीं तुम सफर में ।
डगर ने चुन लिया है तुम्हें साहस के पदचिन्हों से,
धैर्य,सहनशीलता और जीत, होंगे सहचर तुम्हारे सहर में।।
तरुण चौधरी