bahuteyaa nu apna banaun di chahat nahi saanu
bas apne , apne bane rehn ehi bahut e
ਬਹੁਤਿਆ ਨੂੰ ਆਪਣਾ ਬਣਾਉਣ ਦੀ ਚਾਹਤ ਨਹੀ ਸਾਨੂੰ..
ਬਸ ਆਪਣੇ,ਆਪਣੇ ਬਣੇ ਰਹਿਣ ਏਹੀ ਬਹੁਤ ਏ..
bahuteyaa nu apna banaun di chahat nahi saanu
bas apne , apne bane rehn ehi bahut e
ਬਹੁਤਿਆ ਨੂੰ ਆਪਣਾ ਬਣਾਉਣ ਦੀ ਚਾਹਤ ਨਹੀ ਸਾਨੂੰ..
ਬਸ ਆਪਣੇ,ਆਪਣੇ ਬਣੇ ਰਹਿਣ ਏਹੀ ਬਹੁਤ ਏ..

आदमी कैसे है, चेहरा देख के पता लगता।
बातें सुन के लगता है मैं सही तालाब का पानी पीता।
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बातें करके, बातें सुन के, समय बर्बाद मत करो।
काम पे लगे रहो, ज़िंदगी में कुछ करो।
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रोटी आग में फूल जाते है।
ज़िंदगी रोटी की तरह- प्रेरणा उसमें प्राण भरते है।
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सुविधा अगर एक बार मिल गए, तो ज़िंदगी भर उसे पाने के लिए दौड़ेगा इंसान।
वह एक ऐसा चीज है, जो मेहनती को बनाता है अकर्मण्य और ईमानदार को बेईमान।
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सुविधा मृत्यु से भी भयानक।
एक बार मिल जाये, तो समझलो आपके प्रतिभा को खा जायेगा कोई घातक।
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आग बुझ जाती है, लेकिन प्यार कभी नहीं।
वायरस भी प्यार की तरह, डेल्टा या ओमिक्रोण, मौजूद सही।
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हमेशा मुख बंद रखो, युद्ध नहीं होगा।
यह सच्चाई फिर से कोविड ने सिखाया।
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