कुछ अधूरी ख्वाहिश बाकी है ।
जो किसी मजबूरी से बंधी है ।
अधूरी ख्वाहिश ख्वाब कि तरह बन गई है ।
ख्वाहिश को पाने की चाहत तो अभी बाकी है ।
कुछ अधूरी ख्वाहिश बाकी है ।
जो किसी मजबूरी से बंधी है ।
अधूरी ख्वाहिश ख्वाब कि तरह बन गई है ।
ख्वाहिश को पाने की चाहत तो अभी बाकी है ।
अपना हाल–ऐ–दिल बयां करने निकला तो,
वे कहने लगे एक–तरफा इश्क़ कुछ नहीं होता।
रुस्वाही समझकर,निराश भटकने लगे।।
जनाब को कोई समझाओ….
एक–तरफा इश्क़ में रोज़ दिल टूटते हैं,
आस रहती है, कभी मुड़कर हम्पें नजर पड़े उनकी,
हर रोज़ एक नई कहानी बनती है उनके साथ,
बस ख्यालों में जीते हैं……….
हमारी दास्तां….
बस ये कोरे पन्ने सुनते हैं,
डर है कि किसी रोज़ ये जलकर काले न हो जाएं।।।
Mein meeh ban tere te var jawa,
Ikalla ikalla saah tere naam kar jawa,
Tere sare dukh mein jar jawa,
Tere te aayi maut mein Mar jawa..
ਮੈ ਮੀਂਹ ਬਣ ਤੇਰੇ ‘ਤੇ ਵਰ ਜਾਵਾਂ,
ਇਕੱਲਾ ਇਕੱਲਾ ਸਾਹ ਤੇਰੇ ਨਾਮ ਕਰ ਜਾਵਾਂ,
ਤੇਰੇ ਸਾਰੇ ਦੁੱਖ ਮੈਂ ਜਰ ਜਾਵਾਂ,
ਤੇਰੇ ‘ਤੇ ਆਈ ਮੌਤ ਮੈਂ ਮਰ ਜਾਵਾਂ..