Je krr dende izhaar pyaar da taan shyd ajj enna ronde naa
Jinu bina paaye hi khoya si mai shyd ohnu kde khonde naa
Je krr dende izhaar pyaar da taan shyd ajj enna ronde naa
Jinu bina paaye hi khoya si mai shyd ohnu kde khonde naa
jism tan pehla hi mar gya c
jadon tu chhad k gai c
hun tan sirf dil vich dhadkan dhadkdi hai
te duji aakh vich vasi tasveer chamkdi hai
ਜਿਸਮ ਤਾਂ ਪਹਿਲਾਂ ਹੀ ਮਰ ਗਿਆ ਸੀ
ਜਦੋਂ ਤੂੰ ਛੱਡ ਕੇ ਗਈ ਸੀ
ਹੁਣ ਤਾਂ ਸਿਰਫ ਦਿਲ ਵਿਚ ਧੜਕਨ ਧੜਕਦੀ ਏ
ਤੇ ਦੂਜ਼ੀ ਅੱਖ ਵਿੱਚ ਵਸੀ ਤਸਵੀਰ ਚਮਕਦੀ ਏ
चलो किसी पुराने दौर की बात करते हैं,
कुछ अपनी सी और कुछ अपनों कि बात करते हैं…
बात उस वक्त की है जब मेरी मां मुझे दुलारा करती थी,
नज़रों से दुनिया की बचा कर मुझे संवारा करती थी,
गलती पर मेरी अकेले डांट कर पापा से छुपाया करती थी,
और पापा के मुझे डांटने पर पापा से बचाया करती थी…
मुझे कुछ होता तो वो भी कहाँ सोया करती थी,
देखा है मैंने,
वो रात भर बैठकर मेरे बाल संवारा करती थी,
घर से दूर आकर वो वक्त याद आता है,
दिन भर की थकान के बाद अब रात के खाने में, कहां मां के हाथ का स्वाद आता है,
मखमल की चादर भी अब नहीं रास आती है,
माँ की गोद में जब सिर हो उससे अच्छी नींद और कहाँ आती है…