Mein pucheya krishan bhagwan nu, meri mohabbat adhoori kyu likhi?
Oh vi hass ke ro paye, kehnde menu vi radha kdo mili !
ਮੈ ਪੁੱਛਿਆ ਕ੍ਰਿਸ਼ਨ ਭਗਵਾਨ ਨੂੰ,ਮੇਰੀ ਮੁਹੱਬਤ ਅਧੂਰੀ ਕਿਉ ਲਿਖੀ ?
ਉਹ ਵੀ ਹੱਸ ਕੇ ਰੋ ਪਏ,ਕਹਿੰਦੇ ਮੈਨੂੰ ਵੀ ਰਾਧਾ ਕਦੋ ਮਿਲੀ !
Mein pucheya krishan bhagwan nu, meri mohabbat adhoori kyu likhi?
Oh vi hass ke ro paye, kehnde menu vi radha kdo mili !
ਮੈ ਪੁੱਛਿਆ ਕ੍ਰਿਸ਼ਨ ਭਗਵਾਨ ਨੂੰ,ਮੇਰੀ ਮੁਹੱਬਤ ਅਧੂਰੀ ਕਿਉ ਲਿਖੀ ?
ਉਹ ਵੀ ਹੱਸ ਕੇ ਰੋ ਪਏ,ਕਹਿੰਦੇ ਮੈਨੂੰ ਵੀ ਰਾਧਾ ਕਦੋ ਮਿਲੀ !
ishq de dard || very sad punjabi shayari || true shayari
Dil ch vsaa k kyu dilon kadd gya Sajjna
Hath fd k sada kyu shdd gya sajjna..!!
Je Dena hi nhi c sath Mera Kyu supne ikathe rehan de dikhaye c..
Tera Mere naal rehna te sirf waqt bitona c…Sada ki..??
Jo Teri khairr apne shdd aaye c..!!
Tenu Pyar sirf ek khed jeha lagda e
Dil chakko kise da te jazbatan da mzak bana do..
Komal akhiyan nu roneya naal bhar k
Pagl keh k agle nu khak bna do..!!
Zindagi lutaa dinde Teri sauh tere te
J tenu dard hunda kade Mere Ron naal..
Par galti sadi v asi fir kive mnn lende
Jad Tenu farak hi nahi pya Sade hon Na hon naal..!!
Ajj tere layi mein kuj khaas nahi
Oh v din c jdd menu dekhna tere layi bandagi c..
Tere lyi taan eh bas plaan di khed c
Par Mere layi ta sjjna eh Puri zindagi c..!!
Suneya c mein pyar sache nasib nahi hunde
Ajj dekheya k pyar de naam te dhokhe hunde ne..
Koi virla hi Jane es pyar di tadaf nu
Ishq de dard anokhe bhut anokhe hunde ne..!!
ਦਿਲ ‘ਚ ਵਸਾ ਕੇ ਕਿਉਂ ਦਿਲੋਂ ਕੱਢ ਗਿਆ ਸੱਜਣਾ
ਹੱਥ ਫੜ ਕੇ ਸਾਡਾ ਕਿਉਂ ਛੱਡ ਗਿਆ ਸੱਜਣਾ..!!
ਜੇ ਦੇਣਾ ਹੀ ਨਹੀਂ ਸੀ ਸਾਥ ਮੇਰਾ ਕਿਉਂ ਸੁਪਨੇ ਇਕੱਠੇ ਰਹਿਣ ਦੇ ਦਿਖਾਏ ਸੀ
ਤੇਰਾ ਮੇਰੇ ਨਾਲ ਰਹਿਣਾ ਤੇ ਸਿਰਫ਼ ਵਕ਼ਤ ਬਿਤਾਉਣਾ ਸੀ..,,
ਸਾਡਾ ਕੀ..?? ਜੋ ਤੇਰੀ ਖ਼ਾਤਿਰ ਆਪਣੇ ਛੱਡ ਆਏ ਸੀ..!!
ਤੈਨੂੰ ਪਿਆਰ ਸਿਰਫ਼ ਇੱਕ ਖੇਡ ਜਿਹਾ ਲਗਦਾ ਏ
ਦਿਲ ਚੱਕੋ ਕਿਸੇ ਦਾ ਤੇ ਜਜ਼ਬਾਤਾਂ ਦਾ ਮਜ਼ਾਕ ਬਣਾ ਦੋ
ਕੋਮਲ ਅੱਖੀਆਂ ਨੂੰ ਰੋਨਿਆਂ ਨਾਲ ਭਰ ਕੇ ਪਾਗਲ ਕਹਿ ਕੇ ਅਗਲੇ ਨੂੰ ਖ਼ਾਕ ਬਣਾ ਦੋ..!!
ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਲੁਟਾ ਦਿੰਦੇ ਤੇਰੀ ਸੌਂਹ ਤੇਰੇ ‘ਤੇ
ਜੇ ਤੈਨੂੰ ਦਰਦ ਹੁੰਦਾ ਕਦੇ ਮੇਰੇ ਰੋਣ ਨਾਲ
ਪਰ ਗਲਤੀ ਸਾਡੀ ਵੀ ਅਸੀਂ ਫਿਰ ਕਿਵੇਂ ਮੰਨ ਲੈਂਦੇ
ਜੱਦ ਤੈਨੂੰ ਫ਼ਰਕ ਹੀ ਨਹੀਂ ਪਿਆ ਸਾਡੇ ਹੋਣ ਨਾ ਹੋਣ ਨਾਲ..!!
ਅੱਜ ਤੇਰੇ ਲਈ ਮੈਂ ਕੁੱਝ ਖ਼ਾਸ ਨਹੀਂ
ਉਹ ਵੀ ਦੀਨ ਸੀ ਜਦ ਮੈਨੂੰ ਦੇਖਣਾ ਤੇਰੇ ਲਈ ਬੰਦਗੀ ਸੀ
ਤੇਰੇ ਲਈ ਤਾਂ ਇਹ ਬਸ ਪਲਾਂ ਦੀ ਖੇਡ ਸੀ
ਪਰ ਮੇਰੇ ਲਈ ਤਾਂ ਸੱਜਣਾ ਇਹ ਪੂਰੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਸੀ..!!
ਸੁਣਿਆ ਸੀ ਮੈਂ ਪਿਆਰ ਸੱਚੇ ਨਸੀਬ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦੇ
ਅੱਜ ਦੇਖਿਆ ਏ ਪਿਆਰ ਦੇ ਨਾਮ ਤੇ ਧੋਖੇ ਹੁੰਦੇ ਨੇ
ਕੋਈ ਵਿਰਲਾ ਹੀ ਜਾਣੇ ਇਸ ਪਿਆਰ ਦੀ ਤੜਫ਼ ਨੂੰ
ਇਸ਼ਕ ਦੇ ਦਰਦ ਅਨੋਖੇ….ਬਹੁਤ ਅਨੋਖੇ ਹੁੰਦੇ ਨੇ..!!
प्रस्तावना
जनसंख्या सामान्यतः एक विशेष क्षेत्र में रहने वाले लोगों की कुल संख्या को दर्शाती है। हालांकि आबादी शब्द का मतलब केवल मानव आबादी ही नहीं है बल्कि वन्यजीव आबादी और जानवरों तथा अन्य जीवित जीवों की कुल आबादी की पुनरुत्पादन करने की क्षमता है। विडंबना यह है कि जहाँ मानव आबादी तेजी से बढ़ रही है तो जानवरों की आबादी कम हो रही है।
कैसे मानव विज्ञान और प्रौद्योगिकी मानव जनसंख्या विस्फोट को बढ़ावा दिया है?
कई कारक हैं जो पिछले कुछ दशकों से दुनिया के विभिन्न हिस्सों में जनसंख्या विस्फोट को बढ़ावा दे रहे हैं। प्रमुख कारकों में से एक विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में प्रगति है। जहाँ पहले जन्म दर और मनुष्य की मृत्यु दर के बीच एक संतुलन था चिकित्सा विज्ञान में प्रगति ने उसमें असंतुलन पैदा कर दिया है। कई बीमारियों का इलाज करने के लिए दवाएं और आधुनिक चिकित्सा उपकरणों को विकसित किया गया है। इन की मदद से मनुष्य मृत्यु दर कम हो गई है और इससे जनसंख्या में वृद्धि हो गई है।
इसके अलावा तकनीकी विकास ने भी औद्योगीकरण को रास्ता दिखाया है। हालांकि पहले ज्यादातर लोग कृषि गतिविधियों में शामिल थे और उसी के माध्यम से अपनी आजीविका अर्जित करते थे पर अब कई अलग-अलग कारखानों में नौकरी करने की ओर बढ़ रहे हैं। ऐसे क्षेत्रों की आबादी, जहां इन उद्योगों की स्थापना की जाती है, दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है।
वन्यजीव जनसंख्या पर मानव जनसंख्या वृद्धि का प्रभाव
जहाँ मानव आबादी विस्फोट के कगार पर है वहीं वन्यजीव आबादी समय गुज़रने के साथ कम हो रही है। पक्षियों और जानवरों की कई प्रजातियों की आबादी काफी कम हो गई है जिसका केवल मनुष्य को ही जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। इनमें से कुछ विवरण नीचे दिए गए हैं:
वन्यजीव जानवर जंगलों में रहते हैं। वनों की कटाई का अर्थ है उनके आवास को नष्ट करना। फिर भी मनुष्य निर्दयता से अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए जंगलों को काट और नष्ट कर रहा है। जानवरों की कई प्रजातियों में भी कमी आई है और कई लोग अन्य अपने निवास की गिरती गुणवत्ता या नुकसान के कारण विलुप्त हो गए हैं
बढ़ता हवा, पानी और भूमि प्रदूषण एक और प्रमुख कारण है कि कई जानवरों की कम उम्र में मृत्यु हो जाती है। पशुओं की कई प्रजातियां बढ़ते प्रदूषण का सामना करने में सक्षम नहीं हैं। उन्हें इसके कारण कई बीमारियों का सामना करना पड़ता है और उसके घातक परिणामों का सामना करना पड़ता है।
दुनिया के विभिन्न हिस्सों में जलवायु काफी तेजी से बदल गई है। कई क्षेत्र जिनमें पहले मध्यम बारिश होती थी वहां अब हालात बाढ़ की तरह दिखाई देने लगे हैं। इसी तरह गर्मी के मौसम में हल्के गर्म रहने वाले क्षेत्र अब बेहद गर्म मौसम का अनुभव करते हैं। जहाँ मनुष्य ऐसी स्थितियों के अनुकूल होने के लिए तैयार होते हैं वहीं जानवर इसका सामना नहीं कर सकते।
निष्कर्ष
मनुष्य ने हमेशा अपने पौधों, जानवरों और उनके आसपास के समग्र वातावरण पर प्रभाव की अनदेखी करते हुए अपने आराम और सुख के बारे में सोचा है। अगर मनुष्य इस तरह से व्यवहार करते रहे तो पृथ्वी मनुष्य के अस्तित्व के लिए अब फिट नहीं रहेगी। यह सही समय है कि हमें मानव आबादी को नियंत्रित करने और साथ ही हमारे ग्रह को बर्बाद कर रही प्रथाओं को नियंत्रित करने के महत्व को स्वीकार करना चाहिए।