agar in aansooon kee kuchh keemat hotee,
to kal raat vaala takiya arabon mein bikata…
अगर इन आंसूओं की कुछ कीमत होती,
तो कल रात वाला तकिया अरबों में बिकता…
If these tears had some value,
then last night’s pillow was sold in billions…
agar in aansooon kee kuchh keemat hotee,
to kal raat vaala takiya arabon mein bikata…
अगर इन आंसूओं की कुछ कीमत होती,
तो कल रात वाला तकिया अरबों में बिकता…
If these tears had some value,
then last night’s pillow was sold in billions…
अब काश मेरे दर्द की कोई दवा न हो
बढ़ता ही जाये ये तो मुसल्सल शिफ़ा न हो
बाग़ों में देखूं टूटे हुए बर्ग ओ बार ही
मेरी नजर बहार की फिर आशना न हो
हिम्मत भी है ताकत भी ओर हौसला भी
उनकी खुशी के लिए सब कुछ कर जाऊंगा
देखेगी दुनिया भी इस अंजान चेहरे को
जब बाहों में समेटकर में चांद लेकर आऊंगा
मेरी मां के चेहरे पर मुस्कुराहट होगी
और हाथो मेरे लिए में नूर होगा
हवाओं में भी खुशबू होगी और
पापा की नज़रों में गुरूर होगा
सुरूर होगा जब दुनिया अपनी सी लगेगी
जब दुनिया को मेरा भी शउर होगा
अपनी नज़रों में तालाब की आवाम भर लाऊंगा
हर शाम में लौट कर जब घर आऊंगा
हाथों में रोटी पकड़कर कहेगी, बेटा खा ले
मैं मुस्कुराकर दो निवाले उसे भी खिलाऊंगा
खैर, निकल पड़ा हूं अभी मंज़िल ढूंढने खुद ही
इंतेज़ार उस वक्त का है जब मै चांद समेट लाऊंगा...