ऐ ज़िन्दगी तू अपनी रफ़्तार पे ना इतरा,
जो रोक ली मैंने अपनी साँसें तो तू भी चल ना पायेगी…
ai zindagee too apanee raftaar pe na itra,
jo rok lee mainne apanee saansen to too bhee chal na paayegee…
ऐ ज़िन्दगी तू अपनी रफ़्तार पे ना इतरा,
जो रोक ली मैंने अपनी साँसें तो तू भी चल ना पायेगी…
ai zindagee too apanee raftaar pe na itra,
jo rok lee mainne apanee saansen to too bhee chal na paayegee…
Is dil ne kade v kise da bura ni chaheya
eh gal hor k sanu sabit karna ni aayea
ਇਸ ਦਿਲ ਨੇ ਕਦੇ ਵੀ ਕਿਸੇ ਦਾ ਬੁਰਾ ਨੀ ਚਾਹਿਆ
ਇਹ ਗੱਲ ਹੋਰ ਕਿ ਸਾਨੂੰ
ਸਾਬਿਤ ਕਰਨਾ ਨੀ ਆਇਆ
मैं ना जानू दोस्त तेरे दूर हो जाने के बाद,
यह जिंदगी कैसे जंग बन गई है।
मैं ना जानू दोस्त तेरे जाने के बाद,
यह गांव की गलियां कैसे सुनी हो गई है।
मैंने जानू दोस्त तेरे जाने के बाद,
वो खेल का मैदान अब सुना लगता है।
मैं ना जानू दोस्त तेरे जाने के बाद,
कैसे फूल जैसी जिंदगी पत्थर बन गई है।
खुद को मनाने की कोशिश करता हूं बहुत,
लेकिन क्या करूं दिल है कि मानता ही नहीं।
मैं ना जानू दोस्त तेरी दूर हो जाने के बाद,
मेरे चेहरे की हंसी कहां गुम हो गई।
मैं ना जानू दोस्त तेरे जाने के बाद,
बाजारों की रौनक भी फीकी लगती है।
तू कब आएगा मेरे भाई मेरे दोस्त,
तेरे को हर दिन गले लगाने का मन करता है।