Sarab aur mera kai baar breakup ho chuka hai
par kambakht har baar mujhe mna leti hai
शराब और मेरा कई बार ब्रेकअप हो चुका है
पर कमबख्त हर बार मुझे मना लेती है
कहते थे साथ ना छोड़ेंगे हम,
आज वो रिश्ते यूँ रुसवा हो गए |
मेरी होंठो पे हंसी देखेंगे हर दम,
कहने वाले आज बेगाने हो गए|
आँखों में खुशियों की चमक देने वाले,
आज उदासी का आलम दे गए |
छोटी – सी बात का तल्ख क्यूँ इतना,
प्यार के वादे का हर जुमला झूठे हो गए |
इश्क में जला करते थे जो दिन – रात,
अब वो परवाने नफ़रत में जल गए |
हो जाती सुलह माफ़ी दिल में रखने से,
वो तो अपनी जिद के पैमाने हो गए|
हार में ही होती है, मुहब्बत की जीत
जीतने की जुस्तजू में वो जुदा हो गए |
दिल धड़कता था जिसके लिए हर पल,
वो दिल अब खौफजदा हो गए|
पहुंच जाते थे मेरी खामोशी में जो मुझ तक,
वही आज लफ्जों में अलविदा कह गए||