badhe jaano ko btaa di dil ki baate
ab lagta hai raaz hi rakhna tha
kyuki woh hame tabaa karna hai chate
ਬੜੇ ਜਾਨੋ ਕੋ ਬਤਾਅ ਦੀ ਦਿਲ ਕੀ ਬਾਤੇ-
ਅਭ ਲਗਤਾ ਹੈ ਰਾਜ ਹੀ ਰਖਨਾ ਥਾ,
ਕਿਉਕਿ ਵੋਅ ਹਮੇ ਤਬਾਅ ਕਰਨਾ ਹੈ ਚਾਹਤੇ
..ਕੁਲਵਿੰਦਰ ਔਲਖ
खत्म कर चुका खुद को अंदर से
बस बाहर से जालना बाकी है
भीड़ लगी है मजार पर गैरो की ,
बस अपनों का आना बाकी है
जीते जी सबको हसाया बहोत है ,
बस जाते – जाते सबको रुलाया बाकी है ।
याद करके उसे ,रोये बहोत है
जाते जाते उसे रुलाना बाकी है
खवाब देखे थे साथ के उसके कुछ
जाते हुये उन्हे दफनाना बाकी है ।
यू ना रुखसत करो विरानियत से
अभी मेरी अर्थी को सजाना बाकी है ,
यू तो गुजरा हु बहोत बार अंधेरों से
बीएस आखिरी दफा दिल्ल को जलाना बाकी है ।