Yuhi waqt bewaqt teri raah takte barso beet gye
Fir bhi meri nazro me tere liye intezaar wahi hain… 🥀
यूँहीं वक़्त बेवक़्त तेरी राह तकते बरसों बीत गए
फ़िर भी मेरी नज़रों मे तेरे लिए इंतज़ार वही हैं।। 🥀
अगर औरत नहीं होती, तो मुहब्बत नहीं होती।
अगर बंगाल माँ नहीं होती, तो भारत माता भी नहीं होती।
हर एक इंसान के पास दिल है।
भारत में भी बंगाल है।
मर्द सिर्फ इंसान होता है।
औरत केवल माँ होती है।
इंसान को दुःख देने में बहुत मज़ा आता है।
इंसान का दुःख में सिर्फ कुत्ते रोते हैं।
जिंदगी का स्टेशन पर ट्रेन रुक गई।
समय कभी रुकता नहीं, छुट्टी गुज़र गई।
समय की नदी, मैं अकेला नहीं।
पिता नाव है, माँ मांझी, जिंदगी यही।