ajeeb log baste hai tere shaher me jaaleem,
marammat kaanch kee karate hai paththar ke aujhaar se..
अजीब लोग बसते है तेरे शहेर मे जालीम,
मरम्मत कांच की करते है पथ्थर के औझार से..
ajeeb log baste hai tere shaher me jaaleem,
marammat kaanch kee karate hai paththar ke aujhaar se..
अजीब लोग बसते है तेरे शहेर मे जालीम,
मरम्मत कांच की करते है पथ्थर के औझार से..
कभी उसकी यादें ठहर जाती हैं आकर, कभी टकराकर चली जाती हैं..
कभी गमों में डूबाये रखती हैं मुझे, कभी हंसाकर चली जाती हैं..
आज भी वो मेरे आस-पास है, कभी ये अहसास दिलाकर चली जाती है..
कभी एक झलक उसकी पाने को तरसूं, दिल जला कर चली जाती है..
उसका सपनों में आना-जाना यूं है जैसे, झपकी आकर चली जाती है..
मैं सुकून भरी नींद के इंतजार में होता हूं, सबको आकर चली जाती है..
Jinni kol e naina de kajla ve
Onni kol tere rehna e sajjna ve..!!
ਜਿੰਨੀ ਕੋਲ ਏ ਨੈਣਾ ਦੇ ਕਜਲਾ ਵੇ
ਓਨੀ ਕੋਲ ਤੇਰੇ ਰਹਿਣਾ ਏ ਸੱਜਣਾ ਵੇ..!!