ajeeb log baste hai tere shaher me jaaleem,
marammat kaanch kee karate hai paththar ke aujhaar se..
अजीब लोग बसते है तेरे शहेर मे जालीम,
मरम्मत कांच की करते है पथ्थर के औझार से..
ajeeb log baste hai tere shaher me jaaleem,
marammat kaanch kee karate hai paththar ke aujhaar se..
अजीब लोग बसते है तेरे शहेर मे जालीम,
मरम्मत कांच की करते है पथ्थर के औझार से..
ख़िज़ाँ का दौर हो या हो बहार का मौसम
मेरे लिए नहीं कोई क़रार का मौसम
किसे ख़बर थी बिछड़कर न मिल सकेंगे कभी
न ख़त्म होगा तेरे इन्तिज़ार का मौसम
ग़रज़ का दौर है सबको हैं अपनी अपनी धुन
किसी को रास न आया पुकार का मौसम
ढला है हुस्न तो मशहूर बेवफ़ाई हुई
गुज़र गया है तेरे इन्तिज़ार का मौसम
उड़ाए फिरती है आवारगी की आंधी हमें
हमें नसीब कहाँ ज़ुल्फ़-ए- यार का मौसम
बुझे हैं रेख़्ता हम तो बुझे नज़ारे हैं
उदास उदास लगा हुस्न -ए- यार का मौसम
Pyar katil hai
Aur hum marna chahte hai is katil ke hathon❤
प्यार कातिल है
और हम मरना चाहते हैं इस कातील के हाथों❤