ajeeb sa jahar hai teree yaadon mai,
marte marte mujhe saari zindagi lagegee…..
अजीब सा जहर है तेरी यादों मै,
मरते मरते मुझे सारी ज़िन्दगी लगेगी……
ajeeb sa jahar hai teree yaadon mai,
marte marte mujhe saari zindagi lagegee…..
अजीब सा जहर है तेरी यादों मै,
मरते मरते मुझे सारी ज़िन्दगी लगेगी……
ये साफ सफाई की बात नहीं, कोरोना ने लिखी खत।
इधर उधर थुकना मत।
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गंगा की गोद में चलती है नाव, मृत शरीर भी।
समय का गोद में खिलती है सभ्यता और जंगली जानवर का अँधा बिस्वास भी।
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बचपन मासूम कली।
फल बनना और बड़ा होना- काला दाग में अशुद्ध कलि।
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कीचड़ में भी कमल खिलता है।
अच्छे घर में भी बिगड़ा हुआ बच्चा पैदा होते है।
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इंसान का अकाल नहीं, इंसानियत की अकाल है।
डॉक्टर (सेवा) के अकाल नहीं, वैक्सीन (व्यवस्था) का अकाल है।
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कुत्ते समझते है के कौन इंसान और कौन जानवर है।
बो इंसान को देख के पूंछ हिलाते है और जानवर को देख के भूँकते है।
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जीविका से प्यारा है जिंदगी।
अगर साँस बंद है तो कैसे समझेंगे रोटी की कमी।
ek arse baad wasal hui to use khush karne chala gya
usne duaa maangi meri maut ki, to me marne chalaa gya
एक अरसे बाद वस्ल हुई तो उसे खुश करने चला गया
उसने दुआ मांगी मेरी मौत की, तो मैं मरने चला गया