Ajh hanju digdiyaan teri oh har baat yaad aayi ae
ni mainu teri yaad aayi ae
kali raat di chupi vich
teri yaad aayi ae
ਅੱਜ ਹੰਝੂ ਡਿਗਦਿਆਂ ਉਹ ਹਰ ਬਾਤ ਯਾਦ ਆਈ ਏ
ਨੀ ਮੈਨੂੰ ਤੇਰੀ ਯਾਦ ਆਈ ਏ
ਕਾਲੀ ਰਾਤ ਦੀ ਚੁਪੀ ਵਿੱਚ
ਤੇਰੀ ਯਾਦ ਆਈ ਏ
Ajh hanju digdiyaan teri oh har baat yaad aayi ae
ni mainu teri yaad aayi ae
kali raat di chupi vich
teri yaad aayi ae
ਅੱਜ ਹੰਝੂ ਡਿਗਦਿਆਂ ਉਹ ਹਰ ਬਾਤ ਯਾਦ ਆਈ ਏ
ਨੀ ਮੈਨੂੰ ਤੇਰੀ ਯਾਦ ਆਈ ਏ
ਕਾਲੀ ਰਾਤ ਦੀ ਚੁਪੀ ਵਿੱਚ
ਤੇਰੀ ਯਾਦ ਆਈ ਏ
👧 *बाँझपन एक कलंक क्यों ???*👧
एक औरत माँ बने तो जीवन सार्थक
अगर माँ न बने तो जीवन ही निरथर्क,
किसने कहा है ये, कहाँ लिखा है ये,
कलंकित बोल-बोल जीवन बनाते नरक।
बाँझ बोलकर हर कोई चिढ़ाते,
शगुन-अपशगुन की बात समझाते।
बंजर ज़मीं का नाम दिया है मुझे,
पीछे क्या, सामने ही मेरा मज़ाक़ उड़ाते।
ममत्व का पाठ मैं भी जानती,
हर बच्चे को अपना मानती,
कोख़ से जन्म दूँ, ज़रूरी नहीं,
लहू का रंग मैं भी पहचानती।
आँचल में मेरे है प्यार भरा,
ममता की मूरत हूँ देख ज़रा,
क़द्र जानूँ मैं बच्चों की,
नज़र से मुझे ज़माने न गिरा।
कलंक नहीं हूँ इतना ज़रा बता दूँ,
समाज को एक नया पाठ सीखा दूँ,
बच्चा न जन्म दे सकी तो क्या,
समाज पे बराबर का हक़ मैं जता दूँ।
समाज पे बराबर का हक़ मैं जता दूँ।
Mooh cho nikle bol kde v mud de nhi hunde
Dil to utre lok dubara jud de nhi hunde💯..!!
ਮੂੰਹ ਚੋਂ ਨਿਕਲੇ ਬੋਲ ਕਦੇ ਵੀ ਮੁੜਦੇ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦੇ
ਦਿਲ ਤੋਂ ਉੱਤਰੇ ਲੋਕ ਦੁਬਾਰਾ ਜੁੜਦੇ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦੇ💯..!!