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AJH OHI DIN || Sad and True Status

Jinna dina ‘ch me apne aap nu khushnasib samajhda c
ajh ohi dina de ujale
meri zindagi de hanereyaan de kaaran bane

ਜਿੰਨਾ ਦਿਨਾਂ ‘ਚ ਮੈਂ ਆਪਣੇ ਆਪ ਨੂੰ ਖੁਸ਼ਨਸੀਬ ਮੰਨਦਾ ਸੀ
ਅੱਜ ਓਹੀ ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਉਜਾਲੇ
ਮੇਰੀ ਜਿੰਦਗੀ ਦੇ ਹਨੇਰਿਆਂ ਦੇ ਕਾਰਨ ਬਣੇ

Title: AJH OHI DIN || Sad and True Status

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Badhte raho || मंज़िल की ओर…|| hindi poetry

सफर जारी है मंज़िल को पाने की।
जंग से लड़ना ही रीत है जहां की।।
बैठे रहने से कुछ भी नसीब नहीं ।
नसीब के भरोसे अकर्मण्यों ने ज़िन्दगी जियी।।

कर पूजन कर्म का तू।
मन में रख कर हौंसला । ।
हौंसला यदि हो बुलन्द।
तय होगा हर फासला।।
ज़िन्दगी समय से है , समय ही ज़िन्दगी ।
यूं न जाने दो समय को , नहीं मिलेगी कोई ख़ुशी।।
कर हर काम समय पर , ज़िन्दगी तुम्हे आसमान पर ला देगी ।
सफलता की सीढिया कदमों पर झुका देगी।।
लड़ो ज़िन्दगी की हर एक जंग से ।
न हारो वक़्त रूपी तुरंग से।।
पल पल अनमोल है ज़िन्दगी की ।
केवल परिश्रम हो तो मिलेगी हर ख़ुशी।।
मंज़िल को पाना आसान नहीं ।
पर मंज़िल को ही छोड़ देना हल नहीं । ।
पार कर राहों के कांटो को ।
बढ़ते रहो मंज़िल की ओर।।

Title: Badhte raho || मंज़िल की ओर…|| hindi poetry


Ulte sidhe sapne || hindi shayari

उल्टे सीधे सपने पाले बैठे हैं
सब पानी में काँटा डाले बैठे हैं

इक बीमार वसीयत करने वाला है
रिश्ते नाते जीभ निकाल बैठे हैं

बस्ती का मामूल पे आना मुश्किल है
चौराहे पर वर्दी वाले बैठे हैं

धागे पर लटकी है इज़्ज़त लोगों की
सब अपनी दस्तार सँभाले बैठे हैं

साहब-ज़ादा पिछली रात से ग़ायब है
घर के अंदर रिश्ते वाले बैठे हैं

आज शिकारी की झोली भर जाएगी
आज परिंदे गर्दन डाले बैठे हैं

Title: Ulte sidhe sapne || hindi shayari