Jinna dina ‘ch me apne aap nu khushnasib samajhda c
ajh ohi dina de ujale
meri zindagi de hanereyaan de kaaran bane
ਜਿੰਨਾ ਦਿਨਾਂ ‘ਚ ਮੈਂ ਆਪਣੇ ਆਪ ਨੂੰ ਖੁਸ਼ਨਸੀਬ ਮੰਨਦਾ ਸੀ
ਅੱਜ ਓਹੀ ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਉਜਾਲੇ
ਮੇਰੀ ਜਿੰਦਗੀ ਦੇ ਹਨੇਰਿਆਂ ਦੇ ਕਾਰਨ ਬਣੇ
Jinna dina ‘ch me apne aap nu khushnasib samajhda c
ajh ohi dina de ujale
meri zindagi de hanereyaan de kaaran bane
ਜਿੰਨਾ ਦਿਨਾਂ ‘ਚ ਮੈਂ ਆਪਣੇ ਆਪ ਨੂੰ ਖੁਸ਼ਨਸੀਬ ਮੰਨਦਾ ਸੀ
ਅੱਜ ਓਹੀ ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਉਜਾਲੇ
ਮੇਰੀ ਜਿੰਦਗੀ ਦੇ ਹਨੇਰਿਆਂ ਦੇ ਕਾਰਨ ਬਣੇ
सफर जारी है मंज़िल को पाने की।
जंग से लड़ना ही रीत है जहां की।।
बैठे रहने से कुछ भी नसीब नहीं ।
नसीब के भरोसे अकर्मण्यों ने ज़िन्दगी जियी।।
कर पूजन कर्म का तू।
मन में रख कर हौंसला । ।
हौंसला यदि हो बुलन्द।
तय होगा हर फासला।।
ज़िन्दगी समय से है , समय ही ज़िन्दगी ।
यूं न जाने दो समय को , नहीं मिलेगी कोई ख़ुशी।।
कर हर काम समय पर , ज़िन्दगी तुम्हे आसमान पर ला देगी ।
सफलता की सीढिया कदमों पर झुका देगी।।
लड़ो ज़िन्दगी की हर एक जंग से ।
न हारो वक़्त रूपी तुरंग से।।
पल पल अनमोल है ज़िन्दगी की ।
केवल परिश्रम हो तो मिलेगी हर ख़ुशी।।
मंज़िल को पाना आसान नहीं ।
पर मंज़िल को ही छोड़ देना हल नहीं । ।
पार कर राहों के कांटो को ।
बढ़ते रहो मंज़िल की ओर।।
उल्टे सीधे सपने पाले बैठे हैं
सब पानी में काँटा डाले बैठे हैं
इक बीमार वसीयत करने वाला है
रिश्ते नाते जीभ निकाल बैठे हैं
बस्ती का मामूल पे आना मुश्किल है
चौराहे पर वर्दी वाले बैठे हैं
धागे पर लटकी है इज़्ज़त लोगों की
सब अपनी दस्तार सँभाले बैठे हैं
साहब-ज़ादा पिछली रात से ग़ायब है
घर के अंदर रिश्ते वाले बैठे हैं
आज शिकारी की झोली भर जाएगी
आज परिंदे गर्दन डाले बैठे हैं