Jinna bina kade saah nahi c aunda
ajh ohna bina apne saah gin rahe aa
ਜਿੰਨਾਂ ਬਿਨਾਂ ਕਦੇ ਸਾਹ ਨਹੀਂ ਸੀ ਆਉਂਦਾ
ਅੱਜ ਉਹਨਾਂ ਬਿਨਾਂ ਅਪਣੇ ਸਾਹ ਗਿਣ ਰਹੇ ਆਂ…..
Jinna bina kade saah nahi c aunda
ajh ohna bina apne saah gin rahe aa
ਜਿੰਨਾਂ ਬਿਨਾਂ ਕਦੇ ਸਾਹ ਨਹੀਂ ਸੀ ਆਉਂਦਾ
ਅੱਜ ਉਹਨਾਂ ਬਿਨਾਂ ਅਪਣੇ ਸਾਹ ਗਿਣ ਰਹੇ ਆਂ…..
ये किसने जेल में लाया खाना हाय अल्लाह,
मुजरिम का भी है कोई दीवाना हाय अल्लाह।
ये मज्मा भी मेरे रोने पे बजाता है ताली,
किसको सुनाएं अपना अफ़साना हाय अल्लाह।
अब क्या कि जुर्म किसने की है क़ुसुर है किसका,
अब तो लगा है मुझपर जुर्माना हाय अल्लाह।
मेरी नज़र क्या उस पे है सबकी नज़र मुझ पे है,
पूरा शहर है उसका दीवाना हाय अल्लाह।
वो मुझसे मिलता है रोज़ाना मगर नतीजा ये,
देखो तो लगता है वो बेगाना हाय अल्लाह।
जब भी किसी ने पूछा है धोखा कब मिला फिर तो,
बचपन का याद आए याराना हाय अल्लाह।
शिकवा नहीं है उससे बस दुख ‘अमीम’ इतना है,
क्यों मेरा लौट आया नज़राना हाय अल्लाह
Laakh samjhaeya usko ke duniyaa shak karti hai
magar uski aadat nahi gai muskura kar guzarne ki
लाख समझाया उसको कि दुनिया शक करती है
मगर उसकी आदत नहीं गई मुस्कुरा कर गुजरने की