मुर्शिद आज चराग़-ए-ग़म जलाऊँगा मैं
आज रात भर रात का दिल दुखाऊँगा मैं
आज किताब-ए-मुहब्बत के साथ साथ
तेरी निशानियों को भी आग लगाऊँगा मैं
ऐ सितमगर एहतियात-ए-हिजाब करना
अब फ़क़त तुझपे ही क़लम उठाऊँगा मैं
Enjoy Every Movement of life!
मुर्शिद आज चराग़-ए-ग़म जलाऊँगा मैं
आज रात भर रात का दिल दुखाऊँगा मैं
आज किताब-ए-मुहब्बत के साथ साथ
तेरी निशानियों को भी आग लगाऊँगा मैं
ऐ सितमगर एहतियात-ए-हिजाब करना
अब फ़क़त तुझपे ही क़लम उठाऊँगा मैं
Maut to aani hi hai..
Phir beemari se hi sahi…
Fikar to honi hi hai..
Phir pareshaani hi sahi…🍁
मौत तो आनी ही है..
फिर बीमारी से ही सही…
फिक्र तो होनी ही है..
फिर परेशानी ही सही…🍁
Jb bhi phone ki ghanti bajti hai
Or naam tumhara aata hai
Hath ka toh pata nhi
Lekin ye dil tumhara phone uthane poch jaata hai😭❤️