मुर्शिद आज चराग़-ए-ग़म जलाऊँगा मैं
आज रात भर रात का दिल दुखाऊँगा मैं
आज किताब-ए-मुहब्बत के साथ साथ
तेरी निशानियों को भी आग लगाऊँगा मैं
ऐ सितमगर एहतियात-ए-हिजाब करना
अब फ़क़त तुझपे ही क़लम उठाऊँगा मैं
मुर्शिद आज चराग़-ए-ग़म जलाऊँगा मैं
आज रात भर रात का दिल दुखाऊँगा मैं
आज किताब-ए-मुहब्बत के साथ साथ
तेरी निशानियों को भी आग लगाऊँगा मैं
ऐ सितमगर एहतियात-ए-हिजाब करना
अब फ़क़त तुझपे ही क़लम उठाऊँगा मैं
nahi chahida bgair tere ton koi
pyaar taan bas tere naal kita hai
hor kise wal vekhan di v ji nahi karda
ਨਹੀਂ ਚਾਹੀਦਾ ਬਗੈਰ ਤੇਰੇ ਤੋਂ ਕੋਈ
ਪਿਆਰ ਤਾਂ ਬੱਸ ਤੇਰੇ ਨਾਲ ਕਿਤਾ ਹੈ
ਹੋਰ ਕਿਸੇ ਵੱਲ ਵੇਖਣੇ ਦਾ ਵੀ ਜੀ ਨਹੀਂ ਕਰਦਾ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷
A SHAYARI OR FEW LINES FROM MY SIDE ( RISHITA ) TO ALL THE PEOPLE ON RISHTE OR RELATION ..