मुर्शिद आज चराग़-ए-ग़म जलाऊँगा मैं
आज रात भर रात का दिल दुखाऊँगा मैं
आज किताब-ए-मुहब्बत के साथ साथ
तेरी निशानियों को भी आग लगाऊँगा मैं
ऐ सितमगर एहतियात-ए-हिजाब करना
अब फ़क़त तुझपे ही क़लम उठाऊँगा मैं
मुर्शिद आज चराग़-ए-ग़म जलाऊँगा मैं
आज रात भर रात का दिल दुखाऊँगा मैं
आज किताब-ए-मुहब्बत के साथ साथ
तेरी निशानियों को भी आग लगाऊँगा मैं
ऐ सितमगर एहतियात-ए-हिजाब करना
अब फ़क़त तुझपे ही क़लम उठाऊँगा मैं
ਕਦੇ ਨਹੀ ਮਿਟਣੀ ਜੋ ਮੇਰੇ ਦਿਲ ਤੇ ਤੂੰ ਲੋ ਲੀਕ ਆ
ਕਿਸੇ ਨੇ ਨਹੀ ਸੁਣਨੀ ਮੈ ਪਿਆਰ ਦੀ ਓ ਚੀਕ ਆ
ਤੇਰੇ ਹੁੰਦੇ ਤਾਂ ਮੈ ਲੋਟ ਸੀ ਪਰ ਹੁਣ ਥੋੜਾ ਜਾ ਵੀਕ ਆ
ਤੂੰ ਰਹਿ ਹੱਸਦੀ ਵੱਸਦੀ ਮੈ ਜਿੰਦਾ ਲਾਸ ਹੀ ਠੀਕ ਆ
jassi sheron
आंखों में काजल , माथे पर बिंदी , खुले बालों में जब वो सामने आती है ,
मां कसम यार कुछ पल के लिए सांसे थम जाती है ❤️
और जब पास आ कर आंखों में आंखे डाल कर पूछती है कैसी लग रही हूं……………
कुछ बोल नही पाता पर यारों जान निकल जाती है। ❤️❤️