मुर्शिद आज चराग़-ए-ग़म जलाऊँगा मैं
आज रात भर रात का दिल दुखाऊँगा मैं
आज किताब-ए-मुहब्बत के साथ साथ
तेरी निशानियों को भी आग लगाऊँगा मैं
ऐ सितमगर एहतियात-ए-हिजाब करना
अब फ़क़त तुझपे ही क़लम उठाऊँगा मैं
Enjoy Every Movement of life!
मुर्शिद आज चराग़-ए-ग़म जलाऊँगा मैं
आज रात भर रात का दिल दुखाऊँगा मैं
आज किताब-ए-मुहब्बत के साथ साथ
तेरी निशानियों को भी आग लगाऊँगा मैं
ऐ सितमगर एहतियात-ए-हिजाब करना
अब फ़क़त तुझपे ही क़लम उठाऊँगा मैं
maut se pahale bhee ek maut hotee hai,
dekho jara tum juda hokar kisee se..
मौत से पहले भी एक मौत होती है,
देखो जरा तुम जुदा होकर किसी से..
Aapne oh nahi jo tasveer vich khdhan
aapne oh ne jo takleef vich naal khadhan
ਆਪਣੇ ਉਹ ਨਹੀਂ ਜੋ ਤਸਵੀਰ ਵਿੱਚ ਖੜਨ,
ਆਪਣੇ ਉਹ ਨੇ ਜੋ ਤਕਲੀਫ ਵਿੱਚ ਨਾਲ ਖੜਨ