मुर्शिद आज चराग़-ए-ग़म जलाऊँगा मैं
आज रात भर रात का दिल दुखाऊँगा मैं
आज किताब-ए-मुहब्बत के साथ साथ
तेरी निशानियों को भी आग लगाऊँगा मैं
ऐ सितमगर एहतियात-ए-हिजाब करना
अब फ़क़त तुझपे ही क़लम उठाऊँगा मैं
Enjoy Every Movement of life!
मुर्शिद आज चराग़-ए-ग़म जलाऊँगा मैं
आज रात भर रात का दिल दुखाऊँगा मैं
आज किताब-ए-मुहब्बत के साथ साथ
तेरी निशानियों को भी आग लगाऊँगा मैं
ऐ सितमगर एहतियात-ए-हिजाब करना
अब फ़क़त तुझपे ही क़लम उठाऊँगा मैं
🥺💔😭💘😢
मिल भी जाते हैं तो कतरा के निकल जाते हैं,
हैं मौसम की तरह लोग… बदल जाते हैं,
हम अभी तक हैं गिरफ्तार-ए-मोहब्बत यारों,
ठोकरें खा के सुना था कि संभल जाते हैं।
🥺💔😭💘😢
Sorry naal kujh ni hunda
jo gallan dil te lag jaandiyaan aa
oh chheti nahi hl hudiyaa
Sorry ਨਾਲ ਕੁੱਝ ਨੀ ਹੁੰਦਾ
ਜੋ ਗੱਲਾਂ ਦਿਲ ਤੇਂ ਲੱਗ ਜਾਂਦੀਆ ਆ
ਉਹ ਛੇਤੀ ਨਹੀਂ ਭੁੱਲ ਹੁੰਦੀਆਂ