मुर्शिद आज चराग़-ए-ग़म जलाऊँगा मैं
आज रात भर रात का दिल दुखाऊँगा मैं
आज किताब-ए-मुहब्बत के साथ साथ
तेरी निशानियों को भी आग लगाऊँगा मैं
ऐ सितमगर एहतियात-ए-हिजाब करना
अब फ़क़त तुझपे ही क़लम उठाऊँगा मैं
Enjoy Every Movement of life!
मुर्शिद आज चराग़-ए-ग़म जलाऊँगा मैं
आज रात भर रात का दिल दुखाऊँगा मैं
आज किताब-ए-मुहब्बत के साथ साथ
तेरी निशानियों को भी आग लगाऊँगा मैं
ऐ सितमगर एहतियात-ए-हिजाब करना
अब फ़क़त तुझपे ही क़लम उठाऊँगा मैं
Cool jeha subaah teri mutiyaar da
fool jeha na samjhi
lakhan vichon ik haa
fazool jehi na samjhi
Cool ਜਿਹਾ ਸੁਭਾਅ ਤੇਰੀ ਮੁਟਿਆਰ ਦਾ #
Fool ਜਿਹੀ ਨਾ ਸਮਝੀ #
ਲਖਾਂ ਵਿਚੋ ਇਕ ਹਾ #
ਫਜੂਲ ਜਿਹੀ ਨਾ ਸਮਝੀ...
