मुर्शिद आज चराग़-ए-ग़म जलाऊँगा मैं
आज रात भर रात का दिल दुखाऊँगा मैं
आज किताब-ए-मुहब्बत के साथ साथ
तेरी निशानियों को भी आग लगाऊँगा मैं
ऐ सितमगर एहतियात-ए-हिजाब करना
अब फ़क़त तुझपे ही क़लम उठाऊँगा मैं
मुर्शिद आज चराग़-ए-ग़म जलाऊँगा मैं
आज रात भर रात का दिल दुखाऊँगा मैं
आज किताब-ए-मुहब्बत के साथ साथ
तेरी निशानियों को भी आग लगाऊँगा मैं
ऐ सितमगर एहतियात-ए-हिजाब करना
अब फ़क़त तुझपे ही क़लम उठाऊँगा मैं
Saadhi aapni saukini badhi athri
tu jeb vich rakh apni taur nu
saanu apna style badha jachda
kyu follow karaan kise hor nu
ਸਾਡੀ ਅਾਪਣੀ ਸ਼ਕੀਨੀ ਬੜੀ ਅੱਥਰੀ
ਤੂੰ ਜੇਬ ਵਿਚ ਰੱਖ ਅਾਪਣੀ ਟੋਰ ਨੂੰ ..
ਸਾਨੂੰ ਅਾਪਣਾ ਸਟਾੲੀਲ ਬੜਾ ਜੱਚਦਾ ੲੇ
ਕਿੳੁ follow ਕਰਾਂ ਕਿਸੇ ਹੋਰ ਨੂੰ.
Ehh jismani jug (era) chh
Bhuta moh naa payin dilla.
Jae matlb layi
Jive ga te paar lung ju.
Par jae dil ton nibhave ga
daga (dhokha) he khanvega.
ਰੋਹਿਤ…✍🏻