मुर्शिद आज चराग़-ए-ग़म जलाऊँगा मैं
आज रात भर रात का दिल दुखाऊँगा मैं
आज किताब-ए-मुहब्बत के साथ साथ
तेरी निशानियों को भी आग लगाऊँगा मैं
ऐ सितमगर एहतियात-ए-हिजाब करना
अब फ़क़त तुझपे ही क़लम उठाऊँगा मैं
मुर्शिद आज चराग़-ए-ग़म जलाऊँगा मैं
आज रात भर रात का दिल दुखाऊँगा मैं
आज किताब-ए-मुहब्बत के साथ साथ
तेरी निशानियों को भी आग लगाऊँगा मैं
ऐ सितमगर एहतियात-ए-हिजाब करना
अब फ़क़त तुझपे ही क़लम उठाऊँगा मैं
Veer hunde Sher di dahaad warge
‘Bhen’ ghar vich thandi thandi chhaa hundi ae,
‘Bapu’ hunda kol rakhe hathyar warga ,
Roop rabb Da yaaro har ‘maa’ hundi ae.❤️🧿
ਵੀਰ’ ਹੁੰਦੇ ਸ਼ੇਰ ਦੀ ਦਹਾੜ ਵਰਗੇ,
‘ਭੈਣ’ ਘਰ ਵਿੱਚ ਠੰਡੀ ਠੰਡੀ ਛਾਂ ਹੁੰਦੀ ਏ,
‘ਬਾਪੂ’ ਹੁੰਦਾ ਕੋਲ ਰੱਖੇ ਹਥਿਆਰ ਵਰਗਾ,
ਰੂਪ ਰੱਬ ਦਾ ਯਾਰੋ ਹਰ ‘ਮਾਂ’ ਹੁੰਦੀ ਏ.❤️🧿
Yu har subah chaai par…
Bulaya na karo….😋
Chai to hm fir bhi pi lenge….
Lat chai ki nhi..
Lat tumhari lag gyi to hum kya krenge….😇
यु हर सुबह चाय पर…
बुलाया ना करो….😋
चाय तो हम फिर भी पी लेंगे….
लत चाय की नही…
लत तुम्हारी लग गई तो हम क्या करेंगे….😇