मुर्शिद आज चराग़-ए-ग़म जलाऊँगा मैं
आज रात भर रात का दिल दुखाऊँगा मैं
आज किताब-ए-मुहब्बत के साथ साथ
तेरी निशानियों को भी आग लगाऊँगा मैं
ऐ सितमगर एहतियात-ए-हिजाब करना
अब फ़क़त तुझपे ही क़लम उठाऊँगा मैं
Enjoy Every Movement of life!
मुर्शिद आज चराग़-ए-ग़म जलाऊँगा मैं
आज रात भर रात का दिल दुखाऊँगा मैं
आज किताब-ए-मुहब्बत के साथ साथ
तेरी निशानियों को भी आग लगाऊँगा मैं
ऐ सितमगर एहतियात-ए-हिजाब करना
अब फ़क़त तुझपे ही क़लम उठाऊँगा मैं
Main jee k vi mar chukeya
Main jitt k v har chukeya
Bade Dunge ne eh raaz
Main dafan kar chukey
मेरी अपनी उदासी मेरी अपनी कहानी
मेरे हाथो बरबाद मेरी अपनी जवानी
गम ए उल्फत की हर एक रात है
सुनो तो बताऊं मेरे पास हजारों बात है
दिल कुछ यूं भी नही है अब किसी से बाते करने का
कोई नही है दुनिया में जिसे अफसोस होगा मेरे मरने का
कहानी मेरी को कुछ यूं भुला दिया गया
मैं जिंदा था फिर भी मुझे जला दिया गया💔💯