मैं चांद तारे तोड़ के तो नहीं ला सकता
पर आपके लिए काजल ज़रूर ले आऊंगा ,
वादा नहीं करता की कभी रोने नहीं दूंगा,
पर वादा करता हु उस समय अकेला नहीं छोड़ूंगा ❤️
मैं चांद तारे तोड़ के तो नहीं ला सकता
पर आपके लिए काजल ज़रूर ले आऊंगा ,
वादा नहीं करता की कभी रोने नहीं दूंगा,
पर वादा करता हु उस समय अकेला नहीं छोड़ूंगा ❤️
वो शमा की महफ़िल ही क्या,
जिसमे दिल खाक ना हो,
मज़ा तो तब है चाहत का,
जब दिल तो जले, पर राख ना हो
तेरा ईश्क रहता है , मेरे सपनों के शहर में ।
दबी जुबां में मुझसे , एक बात कहता है ।।
मन में बसी है तू , दिल तुझसे मिलने को बेकरार है ।
नाराजगी छोड़ दे ना , तेरा प्यार तो मेरे लहू में बहता है ।।
ख्वाबों की गलियों में , बसी चाहत है सनम ।
फितूरी का खुमार भी , बस तेरा ही नाम कहता है ।।
आँखों में नींद नहीं , सुकून में भी चैन नहीं ।
बस इजहार-ए-मोहब्बत का ख्याल , हर पल मेरे जहन में रहता है ।।