akele hai hum|alone and sad shayari
Akele the hum..
Akele hai hum..
Akele hi reh jayenge..!!

ज़िन्दगी के लिए इक ख़ास सलीक़ा रखना
अपनी उम्मीद को हर हाल में ज़िन्दा रखना
उसने हर बार अँधेरे में जलाया ख़ुद को
उसकी आदत थी सरे-राह उजाला रखना
आप क्या समझेंगे परवाज़ किसे कहते हैं।
आपका शौक़ है पिंजरे में परिंदा रखना
बंद कमरे में बदल जाओगे इक दिन लोगो
मेरी मानो तो खुला कोई दरीचा रखना
क्या पता राख़ में ज़िन्दा हो कोई चिंगारी
जल्दबाज़ी में कभी पॉव न अपना रखना
वक्त अच्छा हो तो बन जाते हैं साथी लेकिन वक़्त मुश्किल हो तो बस ख़ुद पे भरोसा रखना
Tujhe bhool jau agar mere bas mein ho to
Khud ki hi kabar bnwa lu agar mere bas mein ho to
In saajo, wadiyon, fulon sabhi mein tera zikr hai
Inhe bhi mita doon agar mere bas mein ho to 🍂
तुझे भूल जाऊं अगर मेरे बस में हो तो
खुद की ही कब्र बनवा लूँ अगर मेरे बस में हो तो
इन साज़ों ,वादियों ,फूलों सभी में तेरा ज़िक्र है
इन्हे भी मिटा दूँ अगर मेरे बस में हो तो 🍂