Skip to content

alag ik shakhsh

  • by

Sad Punjabi shayari love || Na raat eh aa alag na hawa hai ajh alag alag hai ik shakhash mere ton ajh mere pyar ne kita jihnu alag

Title: alag ik shakhsh

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Mohobbat || hindi shayari

Haule haule koi yaad aaya karta hai🙈
Koi meri har saans ko mehkaya karta hai😇
Us ajnabi ka har pal shukriya ada karte hain🙏
Jo is nacheez ko mohobbat sikhaya karta hai❤

होले होले कोई याद आया करता है,🙈
कोई मेरी हर साँसों को महकाया करता है,😇
उस अजनबी का हर पल शुक्रिया अदा करते हैं,🙏
जो इस नाचीज़ को मोहब्बत सिखाया करता है❤

Title: Mohobbat || hindi shayari


Hindi poetry || desh poetry कविता – शहादत के बोल

माथे पे तिलक लगाकर कूद पड़े थे अंग़ारो पे,
माटी की लाज के लिए उनके शीश थे तलवारों पे।
भगत सिंह की दहाड़ के मतवाले वो निर्भर नहीं थे किन्ही हथियारों पे,
अरे जब देशहित की बात आए तो कभी शक ना करो सरदारों पे॥
आज़ादी की थी ऐसी लालसा की चट्टानों से भी टकरा गये,
चंद आज़ादी के रणबाँकुरो के आगे लाखों अंग्रेज मुँह की खा गये।
विद्रोह की हुंकार से गोरों पे मानो मौत के बादल छा गये,
अरे ये वही भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव है जिनकी बदौलत हम आज़ादी पा गये॥
आज़ादी मिली पर इंक़लाब की आग में अपने सब सुख-दुःख वो भूल गये,
जननी से बड़ी माँ धरती जिसकी ख़ातिर भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु झूल गये॥
अब राह तक रही उस माँ को कौन जाके समझाएगा,
कैसे बोलेगा उसको की माँ अब तेरा लाल कभी नहीं आएगा।
बस इतना कहूँगा कि धन्य हो जाएगा वो आँचल जो भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु सा बेटा पाएगा,
क्योंकि इस माटी का हर कण और बच्चा-बच्चा उसे अपने दिल में बसाएगा॥

Title: Hindi poetry || desh poetry कविता – शहादत के बोल