AA JAAYE WO RU-BA-RU TO ALFAAZ NAHI AATE ZUBAAN PAR HAMARE
TASAWWUR MAIN WO OR HUM TANHAI MAIN TAWEEL GUFTUGU KARTE HAIN
آجائے گر وہ رو برو تو الفاظ نہیں آتے زباں پر ہمارے
تصوّر میں وہ اور ہم تنہائی میں طویل گفتو کرتے ہیں
मुझे तालाश नहीं कोई मंजिल की
जब राहो में मेरे साथ हो तुम।
मुझे नहीं चाहिए दौलत सूरत
मेरी इक बस अरमान हो तुम।
बंजर पड़ी मेरी ज़िंदगी को
शोभन करे वो बरसात हो तुम।
मेरी कौफ सी काली रातो को
रोषण करे वो चांद हो तुम।
मेरा दिन बन जाता लबो पे आते
वो खुदा सुनहरा नाम हो तुम।
मेरी हर मुश्किल को चीर के आगे
वो धनुष से निकला बान हो तुम।
मेरी हर दर्द को दुर करे
मलहम सा लगा बाम हो तुम।
मुझे क्या जरूरत किसी ऑर सक्स की
जब हर लम्हों में साथ हो तुम।
मुझे तालाश नहीं कोई मंजिल की
जब रहो में मेरे साथ हो तुम।
जो तन को पल में सीतल कर दे
वो सुबह की पहली आजन हो तुम।
जो सह ले हर करवी बाते
वो मधुर मीठी मुस्कन हो तुम।
जो राहत से भितम गरमी से
वो पेरो की ठंडी छाओ हो तुम।
खोल दे आखे सही वक्त पे
वो शोर करती आलार्म हो तुम।
मुझे तालाश नहीं कोई मंजिल की
जब रहो में मेरे साथ हो तुम।।
Log sannu kehnde ne badl gye ho
asi sabi uhna nu ehna hi kehna ke nafrt da chashma hta lo tusi
🤚mainu bs 👉tere naal rehna aa
👉Tu Mera🖐️ me sbnu kehna🗣️ aa
Tu naa jaayi 🚶door kde je koi aaya
Main maar 🔪dehna aa
Sabi