Alfaz sade chubde ne taa dsda jayi sajjna
Asi chup rehna Sikh lawange teri khushi khatir..!!
ਅਲਫਾਜ਼ ਸਾਡੇ ਚੁੱਭਦੇ ਨੇ ਤਾਂ ਦੱਸਦਾ ਜਾਈਂ ਸੱਜਣਾ
ਅਸੀਂ ਚੁੱਪ ਰਹਿਣਾ ਸਿੱਖ ਲਵਾਂਗੇ ਤੇਰੀ ਖੁਸ਼ੀ ਖਾਤਿਰ..!!
Alfaz sade chubde ne taa dsda jayi sajjna
Asi chup rehna Sikh lawange teri khushi khatir..!!
ਅਲਫਾਜ਼ ਸਾਡੇ ਚੁੱਭਦੇ ਨੇ ਤਾਂ ਦੱਸਦਾ ਜਾਈਂ ਸੱਜਣਾ
ਅਸੀਂ ਚੁੱਪ ਰਹਿਣਾ ਸਿੱਖ ਲਵਾਂਗੇ ਤੇਰੀ ਖੁਸ਼ੀ ਖਾਤਿਰ..!!
यह अधूरा इश्क कब पूरा होगा
होगा भी जा अधूरा रहेगा
ना तुम आए ना पैगाम आया
तुम्हरे पैगाम का कब तक
इंतजार रहेगा
कौन सी जगह है वोह
जहा पर वोह सो गया
ना जाने कौन सी वोह गालियां है
जिस शहर की गलियों में खो गया
हम गलियों मै देख आए
ना गलियों मै वोह मिला
हम बात उसकी कर रहे
हमें छोड़ कर जो गया
नाजने कौन सी वोह गालियां है
जिस शहर की गलियों में खो गया
हम पहचान बताते हैं उसकी
सफेद रंग और काले घने बाल है।
कहां रहते हैं वोह कोनसे गांव और शहर में
एकेले थे जा कोई नाल है।
काले रंग की पेंट और कमीज़ पहनते है।
एक हाथ मै डायरी और एक हाथ
मे कलम पकड़ कर रखते हैं।
उनकी चाहत सबसे ज्यादा डायरी से
और वोह डायरी को
सिने से जकड़ कर रखते है।
उनका नाम है हर्ष
जो शायरी करते थे
अब तो नाम उनका गुमनाम सा हो गया
ना जाने कौन सी वोह गालियां है
जिस शहर की गलियों में खो गया।
pattharon se pyaar kiya naadaan the ham,
galatee huee kyoki insaan the ham,
aaj jinhen nazaren milaane mein takaleeph hotee hain,
kabhee usee shakhs kee jaan the ham…
पत्थरों से प्यार किया नादान थे हम,
गलती हुई क्योकि इंशान थे हम,
आज जिन्हें नज़रें मिलाने में तकलीफ होती हैं,
कभी उसी शख्स की जान थे हम…