
Dil mere nu aadat jehi ho gai aa satt khaan di
bhijiyan palkaan de naal muskuraan di
kaash anjaam pehlan samajh lainda
taan koshish v naa karda dil lgaan di

Dil mere nu aadat jehi ho gai aa satt khaan di
bhijiyan palkaan de naal muskuraan di
kaash anjaam pehlan samajh lainda
taan koshish v naa karda dil lgaan di
वो खुशियों की डगर, वो राहों में हमसफ़र,
वो साथी था जाना पहचाना,
दिल हैं उसकी यादों का दीवाना
वो साथ था जाना पहचाना
गम तो कई उसने भी देखे,
पर राहों में चले खुशियों को लेके
दिल चाहता हैं हर दम हम साथ चलें,
पर इस राह में कई काले बादल हैं घने
वो साथ था जाना पहचाना
मेरे आसुओं को था जिसने थामा,
मुझसे ज्यादा मुझको पहचाना
चारों तरफ था घनघोर अँधियारा,
बनकर आया था जीवन में उजियारा
वो साथ था जाना पहचाना
गिन-गिन कर तारे भी गिन जाऊ,
पर उसकी यादों को भुला ना पाऊ
कहता था अक्सर हर दिन हैं मस्ताना,
हर राह में खुशियों का तराना
वो साथ था जाना पहचाना
कहता हैं मुझे भूल जाना,
अपनी यादों में ना बसाना
देना चाहूँ हर ख़ुशी उसे,
इसीलिए, मिटाना चाहूँ दिल से
वो साथ था जाना पहचाना
तरुण चौधरी
Haaye, Tum aur tumhara yeh gussa…
Hume tumhare pyaar me aur deewana banata hai…😘🤗
हाए, तुम और तुम्हारा ये गुस्सा…
हमें तुम्हारे प्यार में और दीवाना बनाता है…😘🤗