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Apne aap di lodh || punjabi shayari

Naa hun mainu pyaar di lodh
naa hun mainu yaar di lodh
me hun bas kalla hi theek haa
mainu bas hun apne aap di lodh

ਨਾ ਹੁਣ ਮੈਨੂੰ ਪਿਆਰ ਦੀ ਲੋੜ
ਨਾਂ ਹੁਣ ਮੈਨੂੰ ਯਾਰ ਦੀ ਲੋੜ
ਮੈਂ ਹੁਣ ਬੱਸ ਕਲਾਂ ਹੀ ਠੀਕ ਹਾਂ
ਮੈਨੂੰ ਬਸ ਹੁਣ ਆਪਣੇ ਆਪ ਦੀ ਲੋੜ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷

Title: Apne aap di lodh || punjabi shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Chupi vich hi khush || Punjabi status || true line shayari

Na jee kare bhuta bolan nu
Na man e kise naal kara gile
Hun chupi vich hi khush raha
Te ikalleyan vich hi sukun mile..!!

ਨਾ ਜੀਅ ਕਰੇ ਬਹੁਤਾ ਬੋਲਣ ਨੂੰ
ਨਾ ਮਨ ਏ ਕਿਸੇ ਨਾਲ ਕਰਾਂ ਗਿਲੇ..!!
ਹੁਣ ਚੁੱਪੀ ਵਿੱਚ ਹੀ ਖੁਸ਼ ਰਹਾਂ
ਤੇ ਇਕੱਲਿਆਂ ਵਿੱਚ ਹੀ ਸੁਕੂਨ ਮਿਲੇ..!!

Title: Chupi vich hi khush || Punjabi status || true line shayari


Middle class childern

  • मै मिडिल क्लास फैमिली से हूं………….मैं घर में सबसे छोटा हूं सबकी छोटी हुए कपड़ो से लेकर किताबे भी बड़े भाई बहन की ही आती है मैं छोटा हूं ना सारी चीजे सेकंड हैंड की आदत है। हमारे घर में कमाने वाले सिर्फ थे तनख्वाह से पहले से उस तनख्वाह का हिसाब लग जाता है किसके हिस्से क्या आएगा ये भी पता होता है।

दिवाली पर पापा को बोनस मिलता था तनख्वाह थोड़ी ज्यादा आती थी सबको मालूम था दिवाली पर भी नए कपड़े लेने के लिए पैसे गिनकर मिलते थे कोई अगर बीमार हो जाए तो वो नए कपड़े भी कैंसल हो जाते थे। बचपन से ही एडजस्ट करने की आदत लग जाती है ये आदत अच्छी हो होती है पर कभी कभी बुरी भी होती है। धीरे धीरे बड़े हुए तो पता था मम्मी पापा को कुछ बनकर दिखाना है ये ख्वाब साथ लेकर चला पर बाहर निकले घर से तो ये पता चला कि जो मेरा ख्वाब है वही सबका भी ख्वाब था सबको अपनी जिंदगी में मेरी तरह ही कुछ करना था। जैसे तैसे एक नौकरी लगी वो भी मेरी पसंद की नही थी पर पापा का हाथ बंटाने के लिए भी तो कुछ करना था अपने दिल को समझकर वो नौकरी कर ली मुझे नौकरी लगी ये सुनकर मम्मी पापा दोनो खुश हो जाए पापा की आखों से तो आंसू ही आ गए आंखो से निकलते आंसू भी उस दिन मुझसे बात कर रहे थे मानो वो ये कह रहे थे की अब मेरे कंधो का थोड़ा बोझ कम हुआ मेरे साथ कोई कमाने वाला आ गया। उस दिन से मैंने वो नौकरी ज्वाइन कर ली और उसकी भी आदत सी पड़ गई।

Title: Middle class childern