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Jo insaan apni aap hi tareef

true life shayari must read shayari || Jo insaan apni aap hi tareef

Title: Jo insaan apni aap hi tareef

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


थोड़ा थक सा जाता हूं अब मै || Hindi poetry

“थोड़ा थक सा जाता हूं अब मै…
इसलिए, दूर निकलना छोड़ दिया है,
पर ऐसा भी नही हैं कि अब…
मैंने चलना ही छोड़ दिया है।

फासलें अक्सर रिश्तों में…
अजीब सी दूरियां बढ़ा देते हैं,
पर ऐसा भी नही हैं कि अब मैंने..
अपनों से मिलना ही छोड़ दिया है।

हाँ जरा सा अकेला महसूस करता हूँ…
खुद को अपनों की ही भीड़ में,
पर ऐसा भी नहीं है कि अब मैंने…
अपनापन ही छोड़ दिया है।

याद तो करता हूँ मैं सभी को…
और परवाह भी करता हूँ सब की,
पर कितनी करता हूँ…
बस, बताना छोड़ दिया है।।”

Title: थोड़ा थक सा जाता हूं अब मै || Hindi poetry


Hindi shayari || best 2 lines shayari

ये साफ सफाई की बात नहीं, कोरोना ने लिखी खत।

इधर उधर थुकना मत।

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गंगा की गोद में चलती है नाव, मृत शरीर भी।

समय का गोद में खिलती है सभ्यता और जंगली जानवर का अँधा बिस्वास भी।

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बचपन मासूम कली।

फल बनना और बड़ा होना- काला दाग में अशुद्ध कलि।

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कीचड़ में भी कमल खिलता है।

अच्छे घर में भी बिगड़ा हुआ बच्चा पैदा होते है।

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इंसान का अकाल नहीं, इंसानियत की अकाल है।

डॉक्टर (सेवा) के अकाल नहीं, वैक्सीन (व्यवस्था) का अकाल है।

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कुत्ते समझते है के कौन इंसान और कौन जानवर है।

बो इंसान को देख के पूंछ हिलाते है और जानवर को देख के भूँकते है।

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जीविका से प्यारा है जिंदगी।

अगर साँस बंद है तो कैसे समझेंगे रोटी की कमी।

Title: Hindi shayari || best 2 lines shayari