Ustaad aw vaariya de gal dil te nhio layi de,
Awa eeki duki picha lg apni tohr nhio ghatye de,
Ustaad aw vaariya de gal dil te nhio layi de,
Awa eeki duki picha lg apni tohr nhio ghatye de,

बस आज़ की रात है
जी भरकर देख लो
यह आख़िरी मुलाक़ात है
जी भरकर देख लो
तुम्हारा शहर तो रास्ते में आ गया था
हमें तो किसी और मंज़िल की आस है
जी भरकर देख लो
अच्छा है तुमने हमारी कदर नहीं की
तुम वो जौहरी हो जिसे कौड़ियों की तलाश है
जी भरकर देख लो
मुझे कुछ भी कहना आसान था न
अब कुदरत की लाठी बेआवाज़ है
जी भरकर देख लो!!!