kang hai jo vich ishq de
edaa koi na nahi
bichhdhe hoye mohobat de raah te
aashqaa nu milda kade raah nahi
ਕੰਘ ਹੈ ਜੋ ਵਿਚ ਇਸ਼ਕ ਦੇ
ਇਦਾਂ ਕੋਈ ਨਾਂ ਨਹੀਂ
ਬਿਛੜੇ ਹੋਏ ਮਹੋਬਤ ਦੇ ਰਾਹ ਤੇ
ਆਸ਼ਕਾ ਨੂੰ ਮਿਲਦਾ ਕਦੇ ਰਾਹ ਨਹੀਂ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷
kang hai jo vich ishq de
edaa koi na nahi
bichhdhe hoye mohobat de raah te
aashqaa nu milda kade raah nahi
ਕੰਘ ਹੈ ਜੋ ਵਿਚ ਇਸ਼ਕ ਦੇ
ਇਦਾਂ ਕੋਈ ਨਾਂ ਨਹੀਂ
ਬਿਛੜੇ ਹੋਏ ਮਹੋਬਤ ਦੇ ਰਾਹ ਤੇ
ਆਸ਼ਕਾ ਨੂੰ ਮਿਲਦਾ ਕਦੇ ਰਾਹ ਨਹੀਂ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷
मैं ख्वाबों से निकल कर हकीकत में आऊं,
तुम हाथ अगर बढ़ाओ तो मैं दिल से बात बढ़ाऊं,
अगर मगर काश में कब तक रहेंगे,
बात जो दिल में न जाने कब से अल्फाजों में उसे समझाउ,
माना बहुत अलग है किरदार हम दोनों के,
तुम अगर बोलो तो अलग अलग किरदार से खूबसूरत साहित्य अपना लिख जाउ❤️
अपना हाल–ऐ–दिल बयां करने निकला तो,
वे कहने लगे एक–तरफा इश्क़ कुछ नहीं होता।
रुस्वाही समझकर,निराश भटकने लगे।।
जनाब को कोई समझाओ….
एक–तरफा इश्क़ में रोज़ दिल टूटते हैं,
आस रहती है, कभी मुड़कर हम्पें नजर पड़े उनकी,
हर रोज़ एक नई कहानी बनती है उनके साथ,
बस ख्यालों में जीते हैं……….
हमारी दास्तां….
बस ये कोरे पन्ने सुनते हैं,
डर है कि किसी रोज़ ये जलकर काले न हो जाएं।।।