
Kayi jhuthe c te kayi c bhulekhe sajjna
Tere jande kadam mere haase bann lai gye
Asi ishqe de maare jhalle ikalle reh gye..!!

हाथ थाम कर भी तेरा सहारा न मिला
में वो लहर हूँ जिसे किनारा न मिला
मिल गया मुझे जो कुछ भी चाहा मैंने
मिला नहीं तो सिर्फ साथ तुम्हारा न मिला
वैसे तो सितारों से भरा हुआ है आसमान मिला
मगर जो हम ढूंढ़ रहे थे वो सितारा न मिला
कुछ इस तरह से बदली पहर ज़िन्दगी की हमारी
फिर जिसको भी पुकारा वो दुबारा न मिला
एहसास तो हुआ उसे मगर देर बहुत हो गयी
उसने जब ढूँढा तो निशान भी हमारा न मिला
तरुण चौधरी
YUN GUZRE WOH RAASTE SE HO KAR RU-BA-RU HUM SE
MEHEKTA HO MAHTAAB JAISE SAJTA RAHA TABASSUM LABON PAR
یوں گزرے وہ راستے سے ہو کر رو برو ہم سے
مہکتا ہو مہتاب جیسے سجتا رہا تبسّم لبوں پر