
Asi pagl tuhade te marde rahe..!!
Tusi do pal bitaa chadd tur gaye sanu
Te sadi akhon hnjhu varde rahe..!!

मंज़िल अभी दूर है, मुसाफिर है बेचैन,
ठोकरें बहुत है राह में,बीत गए वो दिन रैन,
सोचा ना था यूं सौदा करूंगा,
बूंदों सी बारिश में प्यासा चलूंगा,
पसीने से तर है दामन मेरा
कैसे बायां करूं हाल ए दिल अपना के,
कैसे भीगते हैं मेरे नैन,
मंज़िल अभी दूर है, मुसाफिर है बेचैन,
शाम भी बीत गई, सूरज भी ढल गया,
रास्तों पर निकला तो वक्त भी बदल गया,
ठोकरें बहुत खाई अब थोड़ा संभाल गया,
किससे कहूं फिर भी भीगते हैं मेरे नैन,
मंज़िल अभी दूर है, मुसाफिर है बैचेन,
मेरा हिस्सा था जिनमें कुछ लम्हे चुरा लाया हूं,
हर कदम के साथ कुछ करीब आया हूं,
किनारों पर समेटकर कुछ लेहरें लाया हूं,
दो पल ही सही वापस आए वो दिन रैन,
मै ही हूं वो मुसाफिर, मै ही था बेचैन…
Raaha teriyaa rehnde aa asi takde
akhaa khuliyaa na dekh dekh thakde
dite khud nu dilaase tere aun de
tainu milne di umeed haa asi rakhde
ਰਾਹਾਂ ਤੇਰੀਆਂ ਰਹਿੰਦੇ ਹਾਂ ਅਸੀਂ ਤੱਕਦੇ
ਅੱਖਾਂ ਖੁੱਲ੍ਹੀਆਂ ਨਾ ਦੇਖ ਦੇਖ ਥੱਕਦੇ
ਦਿੱਤੇ ਖੁਦ ਨੂੰ ਦਿਲਾਸੇ ਤੇਰੇ ਆਉਣ ਦੇ
ਤੈਨੂੰ ਮਿਲਨੇ ਦੀ ਉਮੀਦ ਹਾਂ ਅਸੀਂ ਰੱਖਦੇ