
asi yaaria ch tez ashqui ch weak baliiye
oh karke bharosa menu dil
deke vekh
Arsh karde ni tenu kde cheat balliye

Lok jo marzi kehn,
lokaan da kam kehna
saadha jo dil kahu
asi ohi karde rehna
ਲੋਕ ਜੋ ਮਰਜ਼ੀ ਕਹਿਣ,
ਲੋਕਾਂ ਦਾ ਕੰਮ ਕਹਿਣਾ,
ਸਾਡਾ ਜੋ ਦਿਲ ਕਹੁੰ,
ਅਸੀਂ ਉਹੀ ਕਰਦੇ ਰਹਿਣਾ।।
उल्टे सीधे सपने पाले बैठे हैं
सब पानी में काँटा डाले बैठे हैं
इक बीमार वसीयत करने वाला है
रिश्ते नाते जीभ निकाल बैठे हैं
बस्ती का मामूल पे आना मुश्किल है
चौराहे पर वर्दी वाले बैठे हैं
धागे पर लटकी है इज़्ज़त लोगों की
सब अपनी दस्तार सँभाले बैठे हैं
साहब-ज़ादा पिछली रात से ग़ायब है
घर के अंदर रिश्ते वाले बैठे हैं
आज शिकारी की झोली भर जाएगी
आज परिंदे गर्दन डाले बैठे हैं