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Asi tadhfe badhe haa tere lai || sahayri dard bhari punjabi

Asi tadhfe badhe haa tere lai

ਅਸੀ ਤੜਫੇ ਬੜਾ ਹਾਂ ਤੇਰੇ ਲਈ
ਮੈਨੂੰ ਐਨਾ ਨਾ ਤੜਫਾ ਸੱਜਣਾ

ਕੀ ਪਤਾ ਜਿੰਦਗੀ ਕਿਸ ਮੋੜ ਤੇ ਮੁੱਕਜੇ
ਲਈਏ ਪਿਆਰ ਤੇਰੇ ਚ ਬਿਤਾ ਸੱਜਣਾ

ਰੱਬ ਦੇ ਨਾਂ ਵਾਂਗੂ ਮੇਰਾ ਪਿਆਰ ਏ ਸੱਚਾ
ਦਿਲ ਚੀਰ ਕੇ ਦੇਵਾਂ ਵਿਖਾ ਸੱਜਣਾ

ਭਾਈ ਰੂਪੇ ਵਾਲਿਆ ਕਰ ਕਦਰ ਪਿਆਰ ਦੀ
ਜੇ ਕੋਈ ਕਰਦਾ ਹੋਵੇ ਸੱਚਾ ਪਿਆਰ ਪ੍ਰੀਤ ਜਿੰਦ ਲੇਖੇ ਦੇਈਏ ਲਾ ਸੱਜਣਾ

Title: Asi tadhfe badhe haa tere lai || sahayri dard bhari punjabi

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Reh gaye adhoore || sad punjabi shayari

ਓਹਦੇ ਨਾਲ ਸੋਚੇ ਸੁਪਨੇ, ਹੋਏ ਨਾ ਪੂਰੇ,

ਓਹਦੇ ਨਾਲ ਦੇਖੇ ਖ਼ਵਾਬ,  ਰਹਿ ਗਏ ਅਧੂਰੇ,

ohde naal soche supne, hoye na poore

ohde naal dekhe khawaab, reh gaye adhoore

Title: Reh gaye adhoore || sad punjabi shayari


Camel ki gardan || akbar birbal kahani

अकबर बीरबल की हाज़िर जवाबी के बडे कायल थे। एक दिन दरबार में खुश होकर उन्होंने बीरबल को कुछ पुरस्कार देने की घोषणा की। लेकिन बहुत दिन गुजरने के बाद भी बीरबल को पुरस्कार की प्राप्त नहीं हुई। बीरबल बडी ही उलझन में थे कि महाराज को याद दिलायें तो कैसे?

एक दिन महारजा अकबर यमुना नदी के किनारे शाम की सैर पर निकले। बीरबल उनके साथ था। अकबर ने वहाँ एक ऊँट को घुमते देखा। अकबर ने बीरबल से पूछा, “बीरबल बताओ, ऊँट की गर्दन मुडी क्यों होती है”?

बीरबल ने सोचा महाराज को उनका वादा याद दिलाने का यह सही समय है। उन्होंने जवाब दिया – “महाराज यह ऊँट किसी से वादा करके भूल गया है, जिसके कारण ऊँट की गर्दन मुड गयी है। महाराज, कहते हैं कि जो भी अपना वादा भूल जाता है तो भगवान उनकी गर्दन ऊँट की तरह मोड देता है। यह एक तरह की सजा है।”

तभी अकबर को ध्यान आता है कि वो भी तो बीरबल से किया अपना एक वादा भूल गये हैं। उन्होंने बीरबल से जल्दी से महल में चलने के लिये कहा। और महल में पहुँचते ही सबसे पहले बीरबल को पुरस्कार की धनराशी उसे सौंप दी, और बोले मेरी गर्दन तो ऊँट की तरह नहीं मुडेगी बीरबल। और यह कहकर अकबर अपनी हँसी नहीं रोक पाए।

और इस तरह बीरबल ने अपनी चतुराई से बिना माँगे अपना पुरस्कार राजा से प्राप्त किया।

Title: Camel ki gardan || akbar birbal kahani