Enjoy Every Movement of life!
Haye ohne khaure ki kita e
Gall gall utte hun sangiye..!!
Sanu nasha lagga sajjna da
Hun kitho ja ke khair mangiye..!!
ਹਾਏ ਉਹਨੇ ਖੌਰੇ ਕੀ ਕੀਤਾ ਏ
ਗੱਲ ਗੱਲ ਉੱਤੇ ਹੁਣ ਸੰਗੀਏ..!!
ਸਾਨੂੰ ਨਸ਼ਾ ਲੱਗਾ ਸੱਜਣਾ ਦਾ
ਹੁਣ ਕਿੱਥੋਂ ਜਾ ਕੇ ਖੈਰ ਮੰਗੀਏ..!!
उठे थे हाथ जिनके,
उन्ही दुआओं का असर हूं,
चिराग़ सी हैं नज़रें मेरी
जैसे सुबह की पहली पहर हूं
धूल से ही तो नाता है मेरा
वहीं ठंडी हवाओं में बसर हूं
कलम से शायर कह दो
होंठों से कहर हूं,
ठहरा है दरिया जो किनारे में
वहीं बहता छोटा सा शहर हूं,
मानों तो प्यास मिले
ना मानों तो ज़हर हूं...
