Asin rakheyaa tainu dil vich
te tu saanu nazraan ton v door kita
ਅਸੀਂ ਰੱਖਿਆ ਤੈਨੂੰ ਦਿਲ ਵਿੱਚ
ਤੇ ਤੂੰ ਸਾਨੂੰ ਨਜ਼ਰਾਂ ਤੋਂ ਵੀ ਦੂਰ ਕੀਤਾ
Asin rakheyaa tainu dil vich
te tu saanu nazraan ton v door kita
ਅਸੀਂ ਰੱਖਿਆ ਤੈਨੂੰ ਦਿਲ ਵਿੱਚ
ਤੇ ਤੂੰ ਸਾਨੂੰ ਨਜ਼ਰਾਂ ਤੋਂ ਵੀ ਦੂਰ ਕੀਤਾ
Kujh tutte kwaab
te kujh tutteyaan umeedan
bas is da hi naam zindagi hai
ਕੁੱਝ ਟੁੱਟੇ ਖਵਾਬ
ਤੇ ਕੁਝ ਟੁੱਟੀਆਂ ਉਮੀਦਾਂ
ਬਸ ਇਸ ਦਾ ਨਾਮ ਹੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਹੈ
“सोचता हूँ, के कमी रह गई शायद कुछ या
जितना था वो काफी ना था,
नहीं समझ पाया तो समझा दिया होता
या जितना समझ पाया वो काफी ना था,
शिकायत थी तुम्हारी के तुम जताते नहीं
प्यार है तो कभी जमाने को बताते क्यों नहीं,
अरे मुह्हबत की क्या मैं नुमाईश करता
मेरे आँखों में जितना तुम्हें नजर आया,
क्या वो काफी नहीं था I
सोचता हूँ के क्या कमी रह गई,
क्या जितना था वो काफी नहीं था
“सोचता हूँ कभी पन्नों पर उतार लूँ उन्हें I
उनके मुँह से निकले सारे अल्फाजों को याद कर लूँ कभी I
ऐसी क्या मज़बूरी होगी उनकी की हम याद नहीं आते I
सोचता हूँ तोहफा भेज कर अपनी याद दिला दूँ कभी I
सोचता हूँ कभी पन्नों पर उतार लूँ उन्हें I