Tu Rakh le sambh k pyar apne nu
asin tanhayiaan naal g launa sikh leya
ਤੂੰ ਰੱਖ ਲੈ ਸਾਂਭ ਕੇ ਪਿਆਰ ਆਪਣੇ ਨੂੰ
ਅਸੀਂ ਤਨਹਾਈਆਂ ਨਾਲ ਜੀ ਲਾਉਣਾ ਸਿਖ ਲਿਆ
Tu Rakh le sambh k pyar apne nu
asin tanhayiaan naal g launa sikh leya
ਤੂੰ ਰੱਖ ਲੈ ਸਾਂਭ ਕੇ ਪਿਆਰ ਆਪਣੇ ਨੂੰ
ਅਸੀਂ ਤਨਹਾਈਆਂ ਨਾਲ ਜੀ ਲਾਉਣਾ ਸਿਖ ਲਿਆ

माना तुम्हे हर बार देखता हूं,
हर बार पहली बार देखता हूं,
देखता हूं तुम्हे जब जुल्फें संवरती हो तुम,
उन जुल्फों को आइना बनके हर बार देखता हूं,
आंखो में रातें और सुर्खी में ग़ुलाब जैसे,
मेरे हाथ खाली जाम तुम्हारे होंठो में शराब जैसे,
जैसे हर बार तुम्हारा वो ख़्वाब देखता हूं,
तुम्हारे हाथों में मेरा दिया वो ग़ुलाब देखता हूं,
वक्त हो तो आना कभी इक हसरत बाकी है,
तुम्हे हर बार की तरह पहली बार देखना बाकी है...