Tu Rakh le sambh k pyar apne nu
asin tanhayiaan naal g launa sikh leya
ਤੂੰ ਰੱਖ ਲੈ ਸਾਂਭ ਕੇ ਪਿਆਰ ਆਪਣੇ ਨੂੰ
ਅਸੀਂ ਤਨਹਾਈਆਂ ਨਾਲ ਜੀ ਲਾਉਣਾ ਸਿਖ ਲਿਆ
Tu Rakh le sambh k pyar apne nu
asin tanhayiaan naal g launa sikh leya
ਤੂੰ ਰੱਖ ਲੈ ਸਾਂਭ ਕੇ ਪਿਆਰ ਆਪਣੇ ਨੂੰ
ਅਸੀਂ ਤਨਹਾਈਆਂ ਨਾਲ ਜੀ ਲਾਉਣਾ ਸਿਖ ਲਿਆ
वो खुशियों की डगर, वो राहों में हमसफ़र,
वो साथी था जाना पहचाना,
दिल हैं उसकी यादों का दीवाना
वो साथ था जाना पहचाना
गम तो कई उसने भी देखे,
पर राहों में चले खुशियों को लेके
दिल चाहता हैं हर दम हम साथ चलें,
पर इस राह में कई काले बादल हैं घने
वो साथ था जाना पहचाना
मेरे आसुओं को था जिसने थामा,
मुझसे ज्यादा मुझको पहचाना
चारों तरफ था घनघोर अँधियारा,
बनकर आया था जीवन में उजियारा
वो साथ था जाना पहचाना
गिन-गिन कर तारे भी गिन जाऊ,
पर उसकी यादों को भुला ना पाऊ
कहता था अक्सर हर दिन हैं मस्ताना,
हर राह में खुशियों का तराना
वो साथ था जाना पहचाना
कहता हैं मुझे भूल जाना,
अपनी यादों में ना बसाना
देना चाहूँ हर ख़ुशी उसे,
इसीलिए, मिटाना चाहूँ दिल से
वो साथ था जाना पहचाना
तरुण चौधरी
जिसने भी किया है कुछ बड़ा वो कभी किसी से नहीं डराI
अगर आप खुद ही खुद पर भरोशा नहीं करोगे तो कोई और क्यों और करेगा I”
कठोर परिश्रम कभी भी विफल नहीं होता ।”
उम्मीद और विश्वास का छोटा सा बीज, खुशियों के विशाल फलों से बेहतर और शक्तिशाली है ।”