athroo naina de
dil te kande banke digge
chann na reha mera hun
jajjbaat gaye
kadmaa ch midhe
ਅਥਰੂ ਨੈਣਾਂ ਦੇ
ਦਿਲ ਤੇ ਕੰਢੇ ਬਣ ਕੇ ਡਿੱਗੇ
ਚੰਨ ਨਾ ਰਿਹਾ ਮੇਰਾ ਹੁਣ
ਜਜਬਾਤ ਗਏ
ਕਦਮਾਂ ਚ ਮਿੱਧੇ
athroo naina de
dil te kande banke digge
chann na reha mera hun
jajjbaat gaye
kadmaa ch midhe
ਅਥਰੂ ਨੈਣਾਂ ਦੇ
ਦਿਲ ਤੇ ਕੰਢੇ ਬਣ ਕੇ ਡਿੱਗੇ
ਚੰਨ ਨਾ ਰਿਹਾ ਮੇਰਾ ਹੁਣ
ਜਜਬਾਤ ਗਏ
ਕਦਮਾਂ ਚ ਮਿੱਧੇ
खमियाज़ा ए ज़िन्दगी हर पल मिलता है,
कोई कुछ वक्त तो कोई ज़िन्दगी भर साथ चलता है...
मैं अपनी राहों पर अब अकेले निकाल आया हूं,
जो वक्त सबका था कुछ अपने लिए लाया हूं...
शीशे की कब्र में दफ्न जैसे कोई राज़ हूं,
बरसों से अनसुना जैसे कोई साज़ हूं...
ज़िन्दगी का हाथ थाम कर अब चलने की गुज़ारिश है,
सपनों से तर आगे समंदर और बारिश है...
इक दिन समंदर और बारिश भी पार कर जाऊंगा,
सबकी नज़रें होगी मुझपे और मैं ज़िन्दगी गुलज़ार कर जाऊंगा....
