
samaj sakta hai
bina dimag wale log nahi
Enjoy Every Movement of life!

इक तरफ ज़मीं से आसमां छूने को जी करता है,
इक तरफ होंठों से ज़मीं चूमने को जी करता है...
इन चार दीवारों की सरहदें भी तो मुक्कमल है,
शाम होते ही दोनों जहां घूमने को जी करता है...
Vo pasand hi kya sahab,
Jisko pasand aane ke liye
Khud ko badalna pade!!💯
वो पसंद ही क्या साहब,
जिसको पसंद आने के लिये
खुद को बदलना पड़े !!💯