
bas bullet hi palle na koi car balliye
asi yaariyaa li dil ch
barood rakh de
te nalagarh to belong kre yaar balliye

जो दर्द छुपा था सहमी सी आँखों में उसकी, वक़्त लगा पर दिख गया..
उसे भी शायद कोई गम था ऐसा, जो बेरहम इस जमाने से झिक गया..
आँखें मूंदी कई बार तो उसने, शायद गम को कहीं वो छुपा सके..
मगर हर आंसू जो उसकी आंखों से बहा, अपने हर दर्द की दास्तां लिख गया..
Mera dard meri nam ankhein sab fizool hai kya
Tu sahi hai to tu bhi meri trah pagl ban ja bol tujhe qabool hai kya…🍀
मेरा दर्द मेरी नम आंखें सब फिजूल है क्या
तू सही है तो तू भी मेरी तरह पागल बन जा बोल तुझे ये
कुबूल है क्या…🍀