बारी – बारी सब चले गए,
पर तुम हाथ थामें रखना।
मेरी जो कुछ भी बची है वो,
उम्मीदों को संभाल कर रखना।
माना थोड़ी जिद्दी हूं मैं,
तुम मेरी जिद्द को पूरा करना।
बारी – बारी सब चले गए,
पर तुम हाथ थामें रखना।
बारी – बारी सब चले गए,
पर तुम हाथ थामें रखना।
मेरी जो कुछ भी बची है वो,
उम्मीदों को संभाल कर रखना।
माना थोड़ी जिद्दी हूं मैं,
तुम मेरी जिद्द को पूरा करना।
बारी – बारी सब चले गए,
पर तुम हाथ थामें रखना।
Jis nu “me” di hawa laghi
usnu fer na dawa lagi te na dua lagi
ਜਿਸ ਨੂੰ “ਮੈਂ” ਦੀ ਹਵਾ ਲੱਗੀ,
ਉਸਨੂੰ ਫੇਰ ਨਾ ਦਵਾ ਲੱਗੀ ਤੇ ਨਾ ਦੁਆ ਲੱਗੀ..
Kuch lamho me waqt simat sa jata hai….
vo lamhe sukoon ban jaate hai….
fr kyu jb vo sukoon door hojata hai toh ye waqt guzarne ka naam nhi leta. …
कुछ लम्हों में वक़्त सिमट सा जाता है
वो लम्हे सुकून बन जाते हैं
फिर क्यों जब वो सुकून दूर हो जाता है तो ये वक़्त गुज़रने का नाम नहीं लेता…