बारी – बारी सब चले गए,
पर तुम हाथ थामें रखना।
मेरी जो कुछ भी बची है वो,
उम्मीदों को संभाल कर रखना।
माना थोड़ी जिद्दी हूं मैं,
तुम मेरी जिद्द को पूरा करना।
बारी – बारी सब चले गए,
पर तुम हाथ थामें रखना।
बारी – बारी सब चले गए,
पर तुम हाथ थामें रखना।
मेरी जो कुछ भी बची है वो,
उम्मीदों को संभाल कर रखना।
माना थोड़ी जिद्दी हूं मैं,
तुम मेरी जिद्द को पूरा करना।
बारी – बारी सब चले गए,
पर तुम हाथ थामें रखना।
तेरे मासूम चेहरे से हमने, काफ़ी धोखे खाए हैं..
धोखे खाकर भी तुझसे हम, इश्क फरमाने आए हैं..
तू बेवफा है फिर भी तेरे लिए, वफ़ा का तोहफा लाए हैं..
तेरी अकड़ कुबूलेगी नहीं, ये सोच के हम घबराऐ हैं..
फिर भी अपना नाजुक दिल, तोहफे में हम रख लाए हैं….
1 किसानों की किस्मत में पड़े हैं लाले,
ऊपर से सरकार के खेल बड़े ही निराले,
उन्हें कृषि मंत्री बनाया गया है जिनकी
सात पुश्तों ने भी खेत में पैर नहीं डाले।
2 सरकार ने किया था वादा,
किसानों की आय दूनी हो जाएगी,
क्या पता था महंगाई इतनी बढ़ेगी
कि उनकी जेब सूनी हो जाएगी।