बारी – बारी सब चले गए,
पर तुम हाथ थामें रखना।
मेरी जो कुछ भी बची है वो,
उम्मीदों को संभाल कर रखना।
माना थोड़ी जिद्दी हूं मैं,
तुम मेरी जिद्द को पूरा करना।
बारी – बारी सब चले गए,
पर तुम हाथ थामें रखना।
बारी – बारी सब चले गए,
पर तुम हाथ थामें रखना।
मेरी जो कुछ भी बची है वो,
उम्मीदों को संभाल कर रखना।
माना थोड़ी जिद्दी हूं मैं,
तुम मेरी जिद्द को पूरा करना।
बारी – बारी सब चले गए,
पर तुम हाथ थामें रखना।
ਬਰਸਾਤ ਸਿਰਫ਼ ਸੁਹਾਵਣਾ ਮੌਸਮ ਨਹੀਂ ਖੇਤਾਂ ਤੇ ਕਿਸਾਨਾਂ ਉਪਰ ਤੇਜ਼ਾਬ ਹੁੰਦਾ ਹੈ,
ਆਬ ਨੈਣਾ ਦਾ ਵਹਿੰਦਾ ਪਲਕਾਂ ਤੋਂ ਸੁੱਖ ਦੁੱਖ ਵਿਚ ਬਣਕੇ ਹੰਜੂਆ ਦੀ ਤਰ੍ਹਾਂ।
ਸੁੱਖ ਤਾਹ ਖਿਆਲੀ ਗਵਾਚ ਗਏ ਨੇ ਦੁੱਖਾਂ ਨੇ ਹਕੀਕਤ ਵਿਚ ਜਗਾਹ ਬਣਾ ਲਈ ਹੈ,
ਖਤ੍ਰੀ ਬੈਠਾ ਦਰਵਾਜਾ ਖੋਲਕੇ ਕੀਤੋ ਤਾ ਆਵੇਗਾ ਖੁਸ਼ੀਆਂ ਦਾ ਪਰਚਮ ਫਤਿਹ ਕਰਦਾ।
ज़िन्दगी के लिए इक ख़ास सलीक़ा रखना
अपनी उम्मीद को हर हाल में ज़िन्दा रखना
उसने हर बार अँधेरे में जलाया ख़ुद को
उसकी आदत थी सरे-राह उजाला रखना
आप क्या समझेंगे परवाज़ किसे कहते हैं।
आपका शौक़ है पिंजरे में परिंदा रखना
बंद कमरे में बदल जाओगे इक दिन लोगो
मेरी मानो तो खुला कोई दरीचा रखना
क्या पता राख़ में ज़िन्दा हो कोई चिंगारी
जल्दबाज़ी में कभी पॉव न अपना रखना
वक्त अच्छा हो तो बन जाते हैं साथी लेकिन
वक़्त मुश्किल हो तो बस ख़ुद पे भरोसा रखना